RANCHI : झारखंड राज्य आकलन-प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से उनके आवास पर मुलाकात की. यह बैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित की गई, जिसमें शिक्षकों की लंबित मांगों पर सकारात्मक और गंभीर चर्चा हुई.
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपनी प्रमुख मांगों को विस्तार से रखा. इनमें आकलन परीक्षा प्रमाण पत्र को TET के समकक्ष मान्यता देने, आगामी सहायक आचार्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर प्रदान करने, समान कार्य के लिए समान वेतनमान लागू करने तथा संविदा कर्मियों के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार वेतन निर्धारण जैसी मांगें शामिल हैं.
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वेतनमान को लेकर भेदभाव का आरोप, मंत्री ने दिया समाधान का आश्वासन
शिक्षकों ने यह भी बताया कि राज्य के अन्य विभागों में संविदा कर्मियों को वेतनमान का लाभ मिल रहा है, जबकि पारा शिक्षक अब भी इससे वंचित हैं. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित विभागीय मंत्री के लौटते ही संयुक्त बैठक कर समाधान निकाला जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है और जल्द ही ठोस निर्णय लिया जाएगा.
मंत्री ने आंदोलनरत शिक्षकों से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और सकारात्मक संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में काम कर रही है. मंत्री के आश्वासन पर विश्वास जताते हुए प्रतिनिधिमंडल ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया. इस दौरान मंत्री ने स्वयं मिठाई खिलाकर अनशन तुड़वाया, जो सरकार की सकारात्मक पहल का संकेत माना जा रहा है.
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18 अप्रैल से जारी था अनशन, 45 हजार शिक्षकों को राहत की उम्मीद
गौरतलब है कि सहायक अध्यापक अपनी मांगों को लेकर 18 अप्रैल 2026 से रांची के नागा बाबा खटाल में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे. इस दौरान कई शिक्षकों की तबीयत भी बिगड़ गई थी.
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के प्रति आभार जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि जल्द ही उनकी मांगों पर निर्णय लिया जाएगा, जिससे राज्य के लगभग 45,000 सहायक अध्यापकों को राहत मिल सके. इस मौके पर संबंधित विभाग के अधिकारी, एसडीओ सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी भी मौजूद रहे.
