RANCHI : झारखंड में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की निगरानी तेज होने जा रही है.सोमवार को पुलिस मुख्यालय में राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें जिलों में दर्ज मामलों की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा होगी.
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पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी जिलों के SSP, SP और संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे.बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों की प्रगति का आकलन करना और जांच प्रक्रिया में आ रही बाधाओं की पहचान करना है.
सूत्रों के अनुसार अधिकारियों से यह जानकारी ली जाएगी कि कितने मामले जांच, पर्यवेक्षण और प्रतिवेदन की प्रक्रिया में लंबित हैं.
इसके अलावा गिरफ्तारी, वारंट निष्पादन, इश्तेहार और कुर्की जैसी कानूनी कार्रवाई की स्थिति का भी ब्योरा मांगा गया है.बैठक में पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे, सरकारी सहायता और पुनर्वास योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा होगी.
पुलिस मुख्यालय यह जानने की कोशिश करेगा कि अधिनियम के तहत प्रभावित लोगों को निर्धारित लाभ समय पर मिल रहे हैं या नहीं.पिछले पांच वर्षों के दौरान फास्ट ट्रैक और स्पीडी ट्रायल के माध्यम से निपटाए गए मामलों तथा दोषसिद्धि दर पर भी चर्चा प्रस्तावित है.
वहीं, अधिकारियों से ऐसे मामलों का विवरण भी मांगा गया है जिन्हें जांच के दौरान फर्जी पाया गया.इसके साथ ही SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 15(ए)(3) के तहत पीड़ित पक्ष को दिए गए अधिकारों के अनुपालन की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी.
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