रांची: कांके प्रखंड के पिठोरिया थाना क्षेत्र स्थित सिरांगो में बुधवार को एक स्टोन क्रेशर में की गई ब्लास्टिंग के बाद विवाद खड़ा हो गया. कुछ ग्रामीणों और स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि ब्लास्टिंग के कारण उनके घरों में दरारें आ गई हैं. इसके विरोध में लोगों ने प्रदर्शन करते हुए मामले की जांच की मांग की.
जानकारी के अनुसार, सिरांगो स्थित इको टेक क्रेशर में माइनिंग गाइडलाइन के तहत नियमित प्रक्रिया के तहत ब्लास्टिंग की गई थी. ब्लास्टिंग के कुछ देर बाद आसपास के ग्रामीणों ने घरों की दीवारों में दरार पड़ने की शिकायत शुरू कर दी.

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ग्रामीणों का दावा है कि तेज कंपन के कारण मकानों को नुकसान पहुंचा है. वहीं, क्रेशर से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित गागी गांव के कांग्रेस नेता जमील अख्तर ने भी अपने घर में दरार पड़ने का आरोप लगाया और इसकी जांच की मांग की.
घटना की सूचना मिलने के बाद डीएसपी अमर पांडेय, अंचल अधिकारी अमित भगत, माइनिंग इंस्पेक्टर रौशन कुमार और स्थानीय नेता कमलेश राम मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया और क्रेशर प्रबंधन के साथ बैठक भी की.
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन घरों में नुकसान का दावा किया जा रहा है, उनकी तकनीकी जांच कराई जाएगी. जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि दरारें पहले से मौजूद थीं या फिर ब्लास्टिंग के कारण उत्पन्न हुई हैं.
इस बीच, प्रशासन के सहयोग से क्रेशर प्रबंधन ने जांच पूरी होने तक ब्लास्टिंग का काम अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया है.
इको टेक क्रेशर के जीएम समीर ठाकुर ने कहा कि क्रेशर का संचालन पूरी तरह वैध तरीके से किया जा रहा है और ब्लास्टिंग सहित सभी गतिविधियां सरकारी मानकों एवं निर्धारित माइनिंग गाइडलाइन के अनुरूप की जाती हैं.
अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ग्रामीणों के आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी.
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