Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यालय परिसर में देर रात कथित तौर पर पेट्रोल से भरी बोतलें फेंके जाने की घटना सामने आई है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और घटना में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश जारी है.यह घटना चुटिया थाना क्षेत्र स्थित आरएसएस कार्यालय में बुधवार देर रात करीब साढ़े बारह बजे हुई. शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस का कहना है कि दो अज्ञात लोग कार्यालय परिसर को निशाना बनाने की कोशिश करते दिखाई दिए.

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मामला क्या है ?
पुलिस के अनुसार, दो संदिग्ध युवक कथित तौर पर सॉस की बोतलों में ज्वलनशील पदार्थ भरकर आरएसएस कार्यालय की ओर फेंकने पहुंचे थे।बताया जा रहा है कि फेंकी गई दो बोतलों में से एक में विस्फोट हुआ, जबकि दूसरी बोतल मुख्य भवन तक पहुंचने से पहले ही बाउंड्री वॉल के पास जमीन पर गिर गई।इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.
सीसीटीवी फुटेज में क्या दिखा ?
घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में दो युवक कार्यालय के पास आते दिखाई देते हैं। इनमें से एक युवक ने अपने चेहरे को गमछे से ढंका हुआ है, जबकि दूसरे का चेहरा स्पष्ट रूप से नजर आता है।फुटेज में एक व्यक्ति थैले से बोतल निकालकर उसमें आग लगाते हुए दिखाई देता है. इसके बाद वह बोतल परिसर की ओर फेंकता है। वहीं दूसरा व्यक्ति मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो बनाता नजर आता है।घटना को अंजाम देने के बाद दोनों युवक वहां से भाग जाते हैं। हालांकि, बीबीसी हिंदी स्वतंत्र रूप से इस सीसीटीवी फुटेज की पुष्टि नहीं कर सका है.
पुलिस क्या कह रही है ?
रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी गई है.उन्होंने बताया कि फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया है और तकनीकी सेल को भी सक्रिय किया गया है.पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और दावा कर रही है कि उसे कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं.अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल लोगों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।फिलहाल, आरएसएस कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
भाजपा नेताओं ने क्या कहा ?
घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा के कई वरिष्ठ नेता आरएसएस कार्यालय पहुंचे। इनमें बाबूलाल मरांडी, सीपी सिंह और केंद्रीय मंत्री संजय सेठ शामिल थे.भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह “कोई छोटी घटना नहीं” है और इसमें शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उन्होंने कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी की. वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और उन्हें पुलिस का डर नहीं रह गया है. उन्होंने घटना में शामिल लोगों की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की मांग की.
राजनीतिक माहौल के बीच घटना
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं. 18 जून को राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान होना है. चुनाव मैदान में झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैजनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी हैं.हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस घटना को राज्यसभा चुनाव से जोड़कर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है.
आगे क्या ?
फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना के पीछे किसका हाथ था और इसका उद्देश्य क्या था.जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस घटना के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. लेकिन राजधानी रांची में आरएसएस जैसे प्रमुख संगठन के कार्यालय को निशाना बनाए जाने की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक माहौल, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
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