रांची /धनबाद : झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र में भू-धंसान की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. कतरास और बाघमारा के बाद अब धनबाद के तेतुलमारी इलाके में शुक्रवार देर रात एक बार फिर जमीन धंसने की घटना हुई. आधी रात के बाद अचानक तेज आवाज के साथ जमीन में दरार पड़ने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. भयभीत लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और पूरी रात खुले आसमान के नीचे बिताने को मजबूर हुए.

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घटना तेतुलमारी थाना क्षेत्र के पांडेडीह स्थित गुलगुलिया पट्टी की बताई जा रही है. स्थानीय लोगों के अनुसार, रात करीब 1:15 बजे अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी. जब लोग बाहर निकले तो देखा कि जमीन में लंबी दरार पड़ चुकी है और कई जगह जमीन धंस गई है.
करीब 20 मीटर लंबी दरार, इलाके में दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जमीन में लगभग 20 मीटर लंबी दरार बनी है. घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल फैल गया. लोगों को आशंका थी कि धंसान और बढ़ सकता है, इसलिए एहतियात के तौर पर सभी परिवार अपने घरों से बाहर निकल आए.
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय अधिकांश लोग सो रहे थे. तेज आवाज से उनकी नींद खुली और बाहर निकलने पर जमीन धंसने की जानकारी मिली। समय रहते लोग घरों से बाहर निकल गए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.
70 घरों के 400 से अधिक लोग प्रभावित
गुलगुलिया पट्टी में लगभग 70 मकान हैं, जिनमें 400 से अधिक लोग रहते हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. कई परिवारों ने अपने घरों में लौटने से भी इनकार कर दिया है और सुरक्षित स्थान पर जाने की मांग की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
BCCL के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर आए और सुरक्षा तथा स्थायी पुनर्वास की मांग को लेकर सिजुआ-राजगंज मुख्य सड़क जाम कर दी. सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा.सूचना मिलने पर जोगता, कतरास, तेतुलमारी और रामकनाली थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की, जिसके बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया और यातायात सामान्य हो सका.
अवैध खनन को बताया जा रहा कारण
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन हो रहा है. उनका कहना है कि लगातार हो रहे अवैध उत्खनन के कारण जमीन अंदर से खोखली होती जा रही है, जिससे आए दिन भू-धंसान की घटनाएं हो रही हैं.ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई और समय रहते प्रभावित परिवारों का सुरक्षित पुनर्वास नहीं किया गया, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है.
बारिश के मौसम को लेकर बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय भी नहीं हुआ है, लेकिन उसके पहले ही भू-धंसान की घटनाएं लगातार हो रही हैं. उनका मानना है कि भारी बारिश शुरू होने के बाद जमीन धंसने की घटनाओं में और तेजी आ सकती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है.
प्रशासन और BCCL की टीम मौके पर पहुंची
सड़क जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन तथा भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की. प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.
पुलिस ने क्या कहा ?
बाघमारा के डीएसपी ने बताया कि घटना के बाद लोगों से बातचीत कर सड़क जाम समाप्त करा दिया गया है. उन्होंने कहा कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु या घायल होने की सूचना नहीं है. प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
लगातार बढ़ रही भू-धंसान की घटनाएं
धनबाद और आसपास के कोयलांचल क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों से भू-धंसान की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, भूमिगत खनन वाले क्षेत्रों में समय के साथ जमीन कमजोर पड़ने और अवैध खनन जैसी गतिविधियों के कारण ऐसे हादसों का जोखिम बढ़ जाता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी राहत पर्याप्त नहीं है. उनका मानना है कि प्रभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षित पुनर्वास जैसी दीर्घकालिक योजनाओं के बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है.
