RANCHI : झारखंड में बढ़ते पलायन को रोकने और श्रमिकों को उनके अधिकार दिलाने के लिए मुख्यमंत्री Hemant Soren ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं. गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में श्रम विभाग तथा योजना एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई.
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उद्देश्य राज्य के मजदूरों के विकास, रोजगार सृजन और पलायन की समस्या का समाधान तलाशना था.मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड का अगला लक्ष्य श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाना और राज्य की श्रम शक्ति को नई पहचान दिलाना है.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले तीन महीनों के भीतर राज्य के असंगठित और प्रवासी मजदूरों का विस्तृत डेटाबेस तैयार किया जाए.
सरकार द्वारा तैयार किए जाने वाले विशेष पोर्टल पर मजदूरों से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध रहेंगी. इसमें यह जानकारी दर्ज होगी कि राज्य के श्रमिक वर्तमान में किस शहर में रह रहे हैं और किस प्रकार के कार्य से अपनी आजीविका चला रहे हैं.
साथ ही विशेष अभियान चलाकर श्रमिकों का पंजीकरण और नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी.श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार उन्हें सुरक्षा किट, जूते, ग्लव्स और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराएगी.
इसके अलावा मजदूरों की सुविधा के लिए राज्य में विभिन्न स्थानों पर “श्रमिक चौक” विकसित किए जाएंगे, जहां शेड, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
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