RANCHI : इस बार झारखंड में विश्व आदिवासी दिवस सिर्फ सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी पहचान, परंपरा और आधुनिक तकनीक का बड़ा उत्सव बनने जा रहा है.
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राज्य सरकार 8 और 9 अगस्त को दो दिवसीय “झारखंड आदिवासी महोत्सव” आयोजित करने जा रही है. इस बार का आयोजन दिशोम गुरु शिबू सोरेन को समर्पित होगा.
मोरहाबादी मैदान से बिरसा चौक तक विशाल आदिवासी जतरा निकलेगी. राज्य के सभी जिला मुख्यालयों और दिल्ली में भी विशेष कार्यक्रम होंगे.
देशभर से 5 हजार से ज्यादा आदिवासी कलाकार और सांस्कृतिक दल हिस्सा लेंगे.आदिवासी हाट और स्टॉल: करीब 100 स्टॉल लगेंगे.
यहां आदिवासी हाट-बाजार, हस्तशिल्प, वन उत्पाद, स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल, फूड जोन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे.
लोग झारखंड की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यंजन देख और खरीद सकेंगे.पहली बार: ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल और ट्राइबल फैशन शो भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे.
इस बार महोत्सव में आधुनिक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल होगा.
इस बार का विश्व आदिवासी दिवस झारखंड की समृद्ध संस्कृति को नई तकनीक के साथ दुनिया के सामने पेश करने की कोशिश होगा.
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