रांची : झारखंड में फिल्म और सिनेमा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल होने जा रही है. राज्य में पहला फिल्म संस्थान स्थापित करने की दिशा में 22 जुलाई को बड़ा कदम उठाया जाएगा. इस दिन झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFDCL) और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होंगे.

राज्य सरकार का कहना है कि यह पहल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उस सोच का हिस्सा है, जिसके तहत झारखंड के युवाओं को राज्य में ही फिल्म निर्माण, निर्देशन, अभिनय और तकनीकी प्रशिक्षण की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
युवाओं को मिलेगा पेशेवर प्रशिक्षण
प्रस्तावित फिल्म संस्थान में छात्रों को फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसमें निर्देशन, पटकथा लेखन, छायांकन, संपादन, ध्वनि, अभिनय और अन्य तकनीकी विषय शामिल होंगे.
समझौते के तहत एसआरएफटीआई पाठ्यक्रम तैयार करने, शिक्षकों और तकनीकी विशेषज्ञों की व्यवस्था करने तथा संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों का मार्गदर्शन करेगा. वहीं, संस्थान की स्थापना और आवश्यक संसाधनों की जिम्मेदारी जेएफडीसीएल निभाएगा.
भुवन में बनेगा संस्थान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह फिल्म संस्थान रांची के सुचना भवन परिसर में स्थापित किया जाएगा. इसका उद्देश्य झारखंड में फिल्म संस्कृति को बढ़ावा देना और स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण से जोड़ना है.
झारखंड की कहानियों को मिलेगा नया मंच
झारखंड लंबे समय से अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और सामाजिक विषयों के कारण फिल्मकारों को आकर्षित करता रहा है. राज्य की पृष्ठभूमि पर कई चर्चित फिल्में, वेब सीरीज और डॉक्यूमेंट्री बन चुकी हैं.
सरकार का मानना है कि फिल्म संस्थान शुरू होने के बाद राज्य के युवाओं को फिल्म शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा. साथ ही, स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को भी नए अवसर मिलेंगे.
22 जुलाई को होगा एमओयू
22 जुलाई को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में जेएफडीसीएल और एसआरएफटीआई के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. इसके बाद संस्थान की स्थापना और शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी. यह पहल झारखंड में फिल्म उद्योग के विकास और स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
