RANCHI : : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में वाहन बिल भुगतान से जुड़ी गंभीर वित्तीय अनियमितता सामने आई है.
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महालेखाकार (एजी) झारखंड की ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बस और चारपहिया वाहनों के नाम पर ऐसे बिलों का भुगतान किया गया, जिनमें मोटरसाइकिल के पंजीकरण नंबर दर्ज थे.
इस मामले में करीब 9.10 लाख रुपये के भुगतान पर सवाल उठे हैं.ऑडिट रिपोर्ट सामने आने के बाद रिम्स प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए प्रथम दृष्टया जिम्मेदार पाए गए एक सहायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है. समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.
मंगलवार को रिम्स निदेशक की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक में ऑडिट रिपोर्ट की आपत्तियों और संस्थान की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर चर्चा की गई.
अधिकारियों ने कहा कि जांच में जिस भी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
जांच के दौरान टूर एंड ट्रेवल्स की कुछ गाड़ियों को लेकर भी सवाल उठे हैं. आरोप है कि व्यावसायिक उपयोग में लाई जा रही कुछ गाड़ियां नियमों के अनुरूप पीली नंबर प्लेट के बजाय सफेद नंबर प्लेट के साथ संचालित हो रही थीं.
रिम्स प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संस्थान में वित्तीय अनियमितताओं के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा.
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