रांची : झारखंड में इस मानसून बारिश का स्वरूप बदलता दिखाई दे रहा है. पिछले एक सप्ताह के आंकड़े बताते हैं कि अब लंबे समय तक हल्की या लगातार बारिश होने के बजाय कम समय में अत्यधिक वर्षा हो रही है. मौसम विज्ञान की भाषा में इसे ‘शॉर्ट-स्पेल हेवी रेनफॉल’ कहा जाता है, यानी एक से दो घंटे के भीतर बड़ी मात्रा में बारिश होना.

17 जुलाई को रामगढ़ में एक घंटे के भीतर 60.5 मिमी वर्षा और 18 जुलाई को रांची में लगभग दो घंटे में 50 मिमी बारिश इसी बदलते पैटर्न की पुष्टि करती है. सिमडेगा, मेदिनीनगर और चाईबासा समेत कई जिलों में भी इसी तरह कम समय में तेज बारिश दर्ज की गई है. इसका असर शहरों में जलभराव और यातायात बाधित होने के रूप में सामने आ रहा है.
रांची में दो घंटे की बारिश से शहर हुआ जलमग्न
शनिवार को राजधानी रांची में करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी. कोकर, मेन रोड, अपर बाजार, बरियातू, मोराबादी, कांके रोड, रातू रोड और आसपास के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया.
जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी ही देर की बारिश में कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं. लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि कई इलाकों में वाहन धीमी गति से चलते दिखाई दिए.
क्यों बदल रहा है बारिश का स्वरूप ?
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र से उत्पन्न साइक्लोनिक सर्कुलेशन का प्रभाव फिलहाल ओडिशा और छत्तीसगढ़ पर अधिक है. इसी प्रणाली के असर से झारखंड में भी रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है.
उन्होंने बताया कि जब बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र झारखंड के मध्य भाग से होकर गुजरेगा, तब राज्य में एक-दो दिनों तक लगातार बारिश होने की संभावना बनेगी. फिलहाल मौसम की स्थिति ऐसी नहीं है और इसी कारण बारिश छोटे-छोटे लेकिन तीव्र दौर में हो रही है.
19 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 19 जुलाई को राजधानी रांची में बादल छाए रहने और मध्यम बारिश की संभावना है.
वहीं निम्नलिखित जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
- धनबाद
- गिरिडीह
- देवघर
- दुमका
- जामताड़ा
- पाकुड़
- सरायकेला-खरसावां
- पूर्वी सिंहभूम
- पश्चिमी सिंहभूम
20 जुलाई के लिए येलो अलर्ट
20 जुलाई को भी रांची में बादल छाए रहने और मध्यम वर्षा का अनुमान है.
इसके अलावा इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.
- कोडरमा
- गिरिडीह
- धनबाद
- जामताड़ा
- देवघर
- दुमका
- पाकुड़
- गोड्डा
- साहिबगंज
इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
सामान्य से अब भी 38 प्रतिशत कम बारिश
तेज बारिश के बावजूद झारखंड में मानसून की कुल वर्षा अब भी सामान्य से काफी कम है.
1 जून से 18 जुलाई 2026 के बीच
- सामान्य वर्षापात: 371.2 मिमी
- वास्तविक वर्षापात: 231.1 मिमी
- कमी: 38 प्रतिशत
राजधानी रांची की बात करें तो
- सामान्य वर्षापात: 383.9 मिमी
- वास्तविक वर्षापात: 306.4 मिमी
- कमी: 20 प्रतिशत
यानी हाल के दिनों में तेज बारिश होने के बावजूद पूरे मानसून सीजन में वर्षा की कमी अभी भी बनी हुई है.
एक सप्ताह के आंकड़े बताते हैं बदलता रुझान
पिछले सात दिनों के वर्षा के आंकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं कि अब बारिश कम समय में अधिक तीव्रता के साथ हो रही है.
| तिथि | स्थान | वर्षा |
|---|---|---|
| 12 जुलाई | रामगढ़ | एक घंटे में 23 मिमी |
| 13 जुलाई | रामगढ़ | एक घंटे में 8 मिमी |
| 14 जुलाई | बहरागोड़ा | एक घंटे में 22 मिमी |
| 15 जुलाई | रांची | एक घंटे में 13.6 मिमी |
| 15 जुलाई | मेदिनीनगर | एक घंटे में 21 मिमी |
| 15 जुलाई | सिमडेगा | एक घंटे में 34 मिमी |
| 16 जुलाई | मेदिनीनगर | एक घंटे में 20.8 मिमी |
| 16 जुलाई | सिमडेगा | एक घंटे में 41.5 मिमी |
| 17 जुलाई | रामगढ़ | एक घंटे में 60.5 मिमी |
| 17 जुलाई | रांची | एक घंटे में 17 मिमी |
| 17 जुलाई | चाईबासा | एक घंटे में 20 मिमी |
| 17 जुलाई | बोकारो | एक घंटे में 10 मिमी |
| 18 जुलाई | रांची | दो घंटे में 50 मिमी |
| 18 जुलाई | चाईबासा | एक घंटे में 27 मिमी |
क्या है इसका असर ?
कम समय में होने वाली अत्यधिक वर्षा का सबसे बड़ा प्रभाव शहरी क्षेत्रों में दिखाई देता है. थोड़े समय में बड़ी मात्रा में पानी गिरने से जल निकासी व्यवस्था पर अचानक दबाव बढ़ जाता है. परिणामस्वरूप सड़कों पर जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ जाती हैं.
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी यही पैटर्न जारी रहा, तो कम अवधि की तीव्र वर्षा शहरी बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा कर सकती है. ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.
