रांची : झारखंड में स्वास्थ्य विभाग में प्रतिनियुक्त गृह रक्षकों (होमगार्ड) के लंबित भत्ते का मामला एक बार फिर चर्चा में है. गृह रक्षा वाहिनी लोक सेवक संघ, झारखंड ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन सौंपकर राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत गृह रक्षकों के लंबित भत्ते और वर्दी भत्ते का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है. संघ का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होने के कारण कई गृह रक्षक गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.

संघ के अनुसार, महीनों से भत्ता नहीं मिलने की वजह से कई गृह रक्षकों के सामने परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. बच्चों की पढ़ाई, राशन और इलाज जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी चुनौती बन गया है. ज्ञापन में दावा किया गया है कि आर्थिक तंगी के कारण कुछ परिवार कर्ज के बोझ तले दब गए हैं.

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों, सदर अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिनियुक्त गृह रक्षकों का कार्य भत्ता और वर्दी भत्ता लंबे समय से लंबित है. संघ ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक निर्देश देने और बकाया राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है.
महिला गृह रक्षक की स्थिति ने बढ़ाई चिंता
इसी बीच जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल से सामने आई एक महिला गृह रक्षक की स्थिति ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है. जानकारी के अनुसार, महिला गृह रक्षक कई महीनों से वेतन का इंतजार कर रही हैं. वह गंभीर बीमारी से भी जूझ रही हैं और आर्थिक तंगी के कारण इलाज तथा परिवार का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल हो गया है.
आदरणीय मुख्यमंत्री जी अभिलंब बकाया राशि का भुगतान करवाने की कृपा किया जाए अन्यथा जिस प्रकार गृह रक्षको मेंक्ष क्षोभ एवंआक्रोश की भावना व्याप्त है इसको लेकर कुछ अनहोनी घटना को घटित हो सकती है कि प्रकार बकाया राशि की मांग को लेकर अपना दुखड़ा सुन रही है इसका उत्तरदायित्व किसका? pic.twitter.com/DHH8EBB4PA
— Kamal Kumar Sharma (@KamalKumarShrm2) July 18, 2026
अस्पताल परिसर में महिला गृह रक्षक के रोने का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि, इस घटना से जुड़ी परिस्थितियों और सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
संघ ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की
गृह रक्षा वाहिनी लोक सेवक संघ का कहना है कि गृह रक्षक कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा जैसी परिस्थितियों में लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं. ऐसे में समय पर मानदेय और भत्ते का भुगतान उनका अधिकार है.संघ ने सरकार से लंबित बकाया राशि का शीघ्र भुगतान कर गृह रक्षकों को आर्थिक राहत देने की अपील की है.
अब इस पूरे मामले में निगाहें राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं. यदि लंबित भुगतान जल्द नहीं हुआ तो गृह रक्षकों की आर्थिक परेशानियां और बढ़ सकती हैं. वहीं, यह मामला सरकारी व्यवस्था में कार्यरत संविदा और प्रतिनियुक्त कर्मियों के भुगतान की प्रक्रिया पर भी कई सवाल खड़े करता है.
