JHARKHAND : झारखंड के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 2003 बैच के बीएड प्रशिक्षित शिक्षकों के सामने जेटेट 2026 को लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. शिक्षकों का आरोप है कि वे परीक्षा के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार उन्हें सेवा में बने रहने के लिए निर्धारित समय के भीतर टेट परीक्षा पास करना अनिवार्य है.
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जानकारी के अनुसार, झारखंड अधिविध परिषद (जैक) द्वारा जारी जेटेट 2026 विज्ञापन में प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 5 के लिए केवल दो वर्षीय डीएलएड धारकों को पात्र माना गया है. आवेदन पोर्टल में बीएड डिग्रीधारियों के लिए फॉर्म भरने का विकल्प उपलब्ध नहीं है.
रांची जिला प्राथमिक शिक्षक मंच के संयोजक अजय कुमार ने बताया कि वर्ष 2003 में जेपीएससी के माध्यम से बीएड योग्यता के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी. ये शिक्षक पिछले 23 वर्षों से प्राथमिक विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. ऐसे में जेटेट 2026 में आवेदन नहीं कर पाने से उनके सामने नौकरी को लेकर चिंता बढ़ गई है.
शिक्षकों का कहना है कि यदि उन्हें परीक्षा में शामिल होने का अवसर नहीं मिला तो वे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं कर पाएंगे. इससे उनके भविष्य और सेवा पर असर पड़ सकता है.

इस मामले को लेकर शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा सचिव से हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि आवेदन प्रक्रिया में मौजूद तकनीकी और नियम संबंधी बाधाओं को जल्द दूर किया जाए, ताकि बीएड प्रशिक्षित शिक्षक भी जेटेट 2026 की परीक्षा में शामिल हो सकें.
गौरतलब है कि जेटेट 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 2 जून 2026 निर्धारित की गई है. ऐसे में शिक्षक संगठनों ने जल्द समाधान की मांग की है.
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