RANCHI : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब और तेज हो गई है. मामले की जांच कर रही CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित अभ्यर्थियों से उनकी OMR शीट की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने की अपील की है. एजेंसी का उद्देश्य परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर तथ्यों की पुष्टि करना है.
इसे भी पढ़ें : 15 साल से जंगल में अकेले रह रहा है यह बुजुर्ग. गांव लौटने से किया इनकार, प्रशासन भी रह गया हैरान
पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से लगातार दूसरे दिन पूछताछ
जांच के सिलसिले में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से लगातार दूसरे दिन कई घंटों तक पूछताछ की गई. अधिकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया, मूल्यांकन प्रणाली, चयन प्रक्रिया और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े कई अहम सवाल पूछे. जांच टीम दस्तावेजों और अन्य संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.
OMR शीट भेजने के लिए जारी किए गए WhatsApp और Email
CID ने प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों से पेपर-1 और पेपर-2 की OMR शीट की कार्बन कॉपी PDF या फोटो के रूप में भेजने को कहा है. जांच एजेंसी ने इसके लिए WhatsApp नंबर और Email ID भी जारी किए हैं.
WhatsApp नंबर: 9934309058
Email: Complainjpsc.cid@jhpolice.gov.in

श्वेता गुप्ता की प्रतिनियुक्ति को लेकर भी सामने आई नई जानकारी
JPSC में हालिया छापेमारी के बाद चर्चा में आईं अवर सचिव सह उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को लेकर भी नई जानकारी सामने आई है. वर्ष 2023 में आयोग में नियुक्त श्वेता गुप्ता का मई 2026 में खाद्य आपूर्ति विभाग में स्थानांतरण किया गया था. इसी अवधि में उप सचिव सरोजनी एनी तिर्की का भी लातेहार में परियोजना निदेशक पद पर तबादला हुआ था.
बताया गया कि दोनों अधिकारियों ने निर्धारित समय पर नए पद पर योगदान नहीं दिया. इसके बाद कार्मिक विभाग ने 29 जून 2026 को दोनों को चेतावनी पत्र जारी कर तत्काल योगदान देने और अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी.
योगदान के बाद 15 दिनों के लिए फिर JPSC भेजी गईं
चेतावनी मिलने के बाद श्वेता गुप्ता और सरोजनी एनी तिर्की ने 8 और 9 जुलाई को अपने नए पदों पर योगदान दिया. इसके बाद JPSC अध्यक्ष के अनुरोध पर दोनों अधिकारियों को 15 दिनों की प्रतिनियुक्ति पर दोबारा आयोग में भेज दिया गया.
यह प्रतिनियुक्ति 24 जुलाई तक निर्धारित थी. हालांकि उससे पहले 21 जुलाई को CID ने JPSC कार्यालय में छापेमारी की. इसी कार्रवाई के दौरान श्वेता गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया. अब जांच एजेंसी इस पूरे घटनाक्रम और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की भी विस्तार से पड़ताल कर रही है.
इसे भी पढ़ें : झारखंड के 850 मेधावी छात्रों को बड़ी सौगात. मुफ्त मिलेगी तकनीकी शिक्षा, सरकार खर्च करेगी 79.40 करोड़ रुपये
