RANCHI / KODERMA : झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया में करीब तीन साल पहले हुए संजय सिंह हत्याकांड में अदालत ने तीन दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. मामला महज ढाई फीट रास्ते की जमीन को लेकर हुए विवाद से जुड़ा था. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की अदालत ने मंगलवार को राज कपूर, प्रेम कपूर और सोनू कुमार यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई.अदालत ने तीनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

ढाई फीट जमीन को लेकर हुआ था विवाद
यह मामला 14 दिसंबर 2023 का है. झुमरी तिलैया के गांधी स्कूल रोड स्थित मास्टर मोहल्ले में रहने वाले संजय सिंह का आरोपियों के साथ रास्ते की करीब ढाई फीट जमीन को लेकर विवाद हुआ था. विवाद के दौरान आरोपियों ने संजय सिंह के सिर पर रॉड से हमला कर दिया. हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए. परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया. उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची रेफर कर दिया. रांची में इलाज के दौरान 20 दिसंबर 2023 को संजय सिंह की मौत हो गई. इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या में तब्दील कर दिया.
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16 गवाहों की हुई गवाही
घटना को लेकर संगीता देवी की शिकायत पर तिलैया थाना में कांड संख्या 289/2023 दर्ज किया गया था.मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 16 गवाहों की गवाही कराई गई. अभियोजन का पक्ष लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने रखा. अदालत ने गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी माना. अदालत ने 26 सितंबर को ही तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था. मंगलवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद उन्हें सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई.
हत्या के मामले में तीनों को उम्रकैद
दोषी ठहराए गए आरोपियों में राज कपूर और प्रेम कपूर, दोनों कैलाश प्रसाद यादव के पुत्र हैं. तीसरा आरोपी उनका फुफेरा भाई सोनू कुमार यादव है.अदालत में सूचक पक्ष की ओर से अधिवक्ता अरुण कुमार ने दलीलें पेश कीं, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनवर हुसैन ने अपना पक्ष रखा. लोक अभियोजक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत से दोषियों को अधिकतम सजा देने की मांग की थी. अदालत के फैसले के बाद करीब तीन साल पुराने इस हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का एक अहम चरण पूरा हुआ है.
