RANCHI : झारखंड में फुटबॉल टूर्नामेंट के नाम पर होजी (जुआ) के आयोजन का मामला एक बार फिर चर्चा में है. इस बार एक दूसरी जगह से ऐसा पोस्टर सामने आया है, जिसमें फुटबॉल टूर्नामेंट और सोहराय जतरा के शुभ अवसर पर ‘होजी धमाका’ आयोजित करने का प्रचार किया जा रहा है. पोस्टर में लाखों रुपये के इनाम देने का दावा किया गया है. अलग-अलग तारीखों के लिए टिकट की कीमत भी तय की गई है. यह आयोजन रांची जिला अंतर्गत नामकुम थाना क्षेत्र के कव्वाली गांव में प्रस्तावित बताया जा रहा है.

दरअसल, सामने आए पोस्टर में 11 नवंबर से 17 नवंबर 2026 तक होजी आयोजन की घोषणा की गई है. इसकी शुरुआत 11 नवंबर को उद्घाटन फुटबॉल मैच के साथ होगी. इस दिन होजी के लिए 3500 रुपये का टिकट निर्धारित किया गया है. पोस्टर में पहले हाउसफुल पर 9 लाख रुपये, दूसरे हाउसफुल पर 2 लाख रुपये और तीसरे हाउसफुल पर 1 लाख रुपये के इनाम का दावा किया गया है.
वहीं, 13 नवंबर को 1100 रुपये और 15 नवंबर को 1600 रुपये के टिकट पर होजी खेलने का प्रचार किया गया है. इन दोनों आयोजनों में भी हाउसफुल के साथ कई अन्य श्रेणियों में नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.
फाइनल मैच के दिन 15 लाख रुपये का इनाम
पोस्टर में 17 नवंबर को फाइनल फुटबॉल मैच के साथ 5100 रुपये का टिकट रखा गया है. इस दिन पहले हाउसफुल के लिए 15 लाख रुपये, दूसरे हाउसफुल के लिए 3 लाख रुपये और तीसरे हाउसफुल के लिए 50 हजार रुपये देने का दावा किया गया है. इसके अलावा लकी-3, 5 स्टार, क्विक-7, क्विक-9, कॉर्नर और अन्य श्रेणियों में भी हजारों रुपये के इनाम घोषित किए गए हैं.

गौरतलब है कि इससे पहले लोकतंत्र19 ने रांची के सचिदानंद फुटबॉल ग्राउंड, कुसई, डोरंडा में फुटबॉल टूर्नामेंट के साथ हौजी के आयोजन को लेकर सवाल उठाए थे. इस संबंध में खबर भी प्रकाशित की गई थी. हालांकि, खबर खबर प्रकाशित होने के बाद हौजी का आयोजन नहीं हुआ था, अब दूसरी जगह से सामने आया यह नया पोस्टर एक बार फिर खेल प्रतियोगिताओं के साथ हौजी के आयोजन को लेकर सवाल खड़े कर रहा है.
पूर्व में प्रकाशित खबर : रांची में फुटबॉल प्रतियोगिता की आड़ में हौजी (जुआ) का खेल? सोशल मीडिया पर प्रचार से उठे सवाल
थाना प्रभारी को दी गई जानकारी, कार्रवाई का आश्वासन
इस पूरे मामले की जानकारी नामकुम थाना प्रभारी राम नारायण सिंह को दे दी गई है. उन्होंने मामले को संज्ञान में लेते हुए उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है. अब देखना होगा कि पुलिस इस आयोजन को लेकर क्या कदम उठाती है. फुटबॉल टूर्नामेंट और पारंपरिक सोहराय जतरा के नाम पर इस तरह लाखों रुपये के इनाम वाले होजी आयोजन का प्रचार किए जाने से कई सवाल उठ रहे हैं. आखिर इस आयोजन की अनुमति किसने दी है? क्या प्रशासन को इसकी जानकारी है? क्या इस तरह के आयोजन के लिए जरूरी कानूनी प्रावधानों का पालन किया जा रहा है?
फिलहाल पोस्टर में किए गए दावों और आयोजन की वैधता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में अब स्थानीय प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ जाती है. देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है.
