Ranchi : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने पासपोर्ट और नागरिकता से जुड़े मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है. पार्टी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की है.
JMM का कहना है कि एक ओर विदेश मंत्रालय यह कहता है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं, बल्कि केवल यात्रा दस्तावेज (ट्रैवल डॉक्यूमेंट) है. वहीं दूसरी ओर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में स्वीकार किए जाने वाले प्रमुख दस्तावेजों में पासपोर्ट को शामिल किया गया है.

देश को कौन-सा सच बताया जा रहा है ?
अपने पोस्ट में JMM ने सवाल उठाया है कि यदि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो फिर उसे SIR प्रक्रिया में स्वीकार क्यों किया जा रहा है. पार्टी ने यह भी पूछा है कि यदि नागरिकता साबित करने के लिए पासपोर्ट मान्य दस्तावेज है, तो विदेश मंत्रालय का पूर्व रुख किस आधार पर है.
पार्टी ने कहा कि इस तरह की स्थिति आम नागरिकों के बीच भ्रम पैदा कर सकती है और सरकार को इस विषय पर स्पष्टता प्रदान करनी चाहिए.
नागरिकों में भ्रम पैदा करने का आरोप
JMM ने अपने बयान में कहा कि शासन व्यवस्था स्पष्ट नियमों और पारदर्शिता के आधार पर चलनी चाहिए, न कि ऐसे विरोधाभासों के सहारे जो लोगों के मन में सवाल खड़े करें.
एक तरफ़ भाजपा का विदेश मंत्रालय कहता है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं, बल्कि एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है।
दूसरी तरफ़ SIR में सबसे पहले स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेज़ों में पासपोर्ट शामिल है।
आख़िर सरकार देश को कौन-सा सच बता रही है?
अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है,…
— Jharkhand Mukti Morcha (@JmmJharkhand) June 25, 2026
पार्टी का कहना है कि नागरिकता जैसे संवेदनशील विषय पर सरकार को स्पष्ट और एकरूप नीति अपनानी चाहिए ताकि लोगों के बीच किसी तरह की असमंजस की स्थिति न बने.
भाजपा पर राजनीतिक हमला
सोशल मीडिया पोस्ट में JMM ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला.पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा जनता को विभिन्न मुद्दों में उलझाकर वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने का काम कर रही है.
पोस्ट में भाजपा की नीतियों और केंद्र सरकार के कामकाज को लेकर कई राजनीतिक टिप्पणियां भी की गईं. हालांकि भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से JMM के इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
राजनीतिक बहस का नया मुद्दा
पासपोर्ट, नागरिकता और दस्तावेजों की वैधता को लेकर उठे इस सवाल ने राजनीतिक बहस को नया आयाम दे दिया है. विपक्षी दल जहां सरकार से स्पष्ट जवाब मांग रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से इस मुद्दे पर आने वाली प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी.
फिलहाल JMM की इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद नागरिकता और पहचान संबंधी दस्तावेजों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
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