DHANBAD : डुमरी से विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के अध्यक्ष जयराम महतो की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। धनबाद सिविल कोर्ट में दायर उनकी अग्रिम जमानत याचिका को अब सुनवाई के लिए MP-MLA की विशेष अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया है. जयराम महतो के साथ-साथ तीन अन्य आरोपियों सुशील मंडल उर्फ सुशील कुमार, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल की याचिकाओं पर भी विशेष अदालत मंगलवार को सुनवाई करेगी.
फर्जी पैड और मुहर विवाद से भड़का पूरा मामला
इस पूरे विवाद की जड़ बरवाअड्डा की बड़ा पिछरी पंचायत से जुड़ी है. पंचायत की मुखिया यशोदा देवी ने JLKM नेता गणेश दास पर उनके फर्जी पैड, मुहर और हस्ताक्षर का अवैध इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया था. 21 अगस्त को जब पुलिस इस मामले में गणेश दास को नोटिस थमाने उनके घर पहुंची, तो वहां पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज हो गई. इसके बाद पुलिस ने गणेश दास को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया.
थाना परिसर में हंगामा और सरकारी काम में बाधा की FIR
गणेश दास की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंच गए. थाने में विधायक समर्थकों और मुखिया समर्थकों के बीच जमकर नोकझोंक और हाथापाई हुई. स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया. पहली एफआईआर दोनों पक्षों के आपसी विवाद को लेकर दर्ज की गई, जबकि दूसरी एफआईआर थाना प्रभारी की शिकायत पर दर्ज हुई. इसमें विधायक जयराम महतो, 10 नामजद और 40 से 50 अज्ञात लोगों पर सरकारी काम में बाधा डालने और थाने में हंगामा करने का आरोप लगाया गया.
ऑडियो वायरल विवाद और अगली सुनवाई पर टिकी नजरें
घटना के दौरान विधायक और थाना प्रभारी के बीच हुई तीखी बहस का एक कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. हालांकि, विधायक जयराम महतो ने इस पर सफाई देते हुए आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने ऑडियो को एडिट करके जानबूझकर वायरल किया है. फिलहाल कोर्ट ने मामले की केस डायरी तलब की है, जिसके चलते विधायक और अन्य आरोपियों को अग्रिम राहत के लिए मंगलवार को MP-MLA विशेष कोर्ट में होने वाली सुनवाई तक इंतजार करना होगा.
