Ranchi : झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज़ हो गई हैं. इसी बीच कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के एक दावे ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. तिर्की ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन विधायक इंडिया महागठबंधन के संपर्क में हैं और पाला बदलने को तैयार हैं.

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हालांकि, उन्होंने उन विधायकों के नाम सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि नाम उजागर करने से संबंधित विधायकों को परेशानी हो सकती है.
क्या कहा बंधु तिर्की ने ?
महागठबंधन उम्मीदवारों की जीत का दावा करते हुए बंधु तिर्की ने कहा कि उनके पास उन तीन विधायकों की जानकारी है .जो भाजपा से जुड़े होने के बावजूद इंडिया गठबंधन के संपर्क में हैं.
उन्होंने कहा, मैं नाम भी बता सकता हूं, लेकिन इससे उन विधायकों को दिक्कत हो जाएगी. इसलिए फिलहाल नामों का खुलासा नहीं करूंगा.
बंधु तिर्की के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज़ हो गया है। हालांकि, भाजपा की ओर से इस दावे पर तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
28 वोटों के गणित पर टिकी निगाहें
झारखंड राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 28 वोटों की आवश्यकता है। ऐसे में एक-एक विधायक का समर्थन दोनों खेमों के लिए अहम माना जा रहा है.
इसी वजह से पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक बैठकों और संपर्क अभियान तेज़ कर दिए हैं.
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के समर्थन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी भी सक्रिय हो गई है और गठबंधन सहयोगियों से लगातार संपर्क बनाए हुए है.
कांग्रेस नेताओं ने डाला डेरा
राजधानी रांची में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता कैंप कर रहे हैं। पार्टी सांसद नसीर हुसैन, पर्यवेक्षक अजय शर्मा, झारखंड प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की है.
इसके बाद स्थानीय होटल में कांग्रेस नेताओं, मंत्रियों और विधायकों के साथ बैठकों का दौर चलता रहा। विधायकों को रांची में ही रहने और मंगलवार दोपहर से पहले पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं.
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में इंडिया गठबंधन के विधायकों की संयुक्त बैठक भी प्रस्तावित है.
क्या एनडीए में सेंध लगाने की कोशिश?
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस सिर्फ अपने गठबंधन सहयोगियों के भरोसे नहीं रहना चाहती. पार्टी अन्य दलों के विधायकों से भी संपर्क साधने की कोशिश कर रही है, ताकि अपने उम्मीदवार की जीत का रास्ता आसान किया जा सके.
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.
भाजपा की बैठक से सात विधायक रहे अनुपस्थित
सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में एनडीए विधायकों की बैठक हुई, जिसमें एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी भी शामिल हुए.
बैठक में एनडीए के 17 विधायक मौजूद रहे, जबकि सात विधायक शामिल नहीं हुए. इनमें भाजपा विधायक प्रकाश राम, चंपाई सोरेन, आलोक चौरसिया, रागिनी सिंह, शत्रुध्न महतो, पूर्णिमा साहू और जदयू विधायक सरयू राय का नाम शामिल है.
हालांकि, भाजपा नेताओं का कहना है कि अनुपस्थित विधायकों ने पहले से अपनी गैरमौजूदगी की सूचना दे दी थी और इसे किसी राजनीतिक संकेत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.
बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र प्रधान और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे.
फिलहाल क्या है तस्वीर ?
राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड की राजनीति में दावों, बैठकों और रणनीतियों का दौर जारी है। बंधु तिर्की के दावे ने सियासी हलचल जरूर बढ़ा दी है, लेकिन क्या वास्तव में भाजपा के विधायक पाला बदलेंगे, इसका जवाब मतदान के दिन ही साफ हो पाएगा.
फिलहाल, झारखंड की राजनीति में 28 वोटों का गणित सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है.
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