रांची : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल नीट यूजी 2026 को लेकर इस बार प्रशासन अतिरिक्त सतर्क नजर आ रहा है. पिछले वर्षों में सामने आए पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े विवादों से सबक लेते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और राज्य सरकारों ने सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत किया है. इसी कड़ी में परीक्षा से एक दिन पहले, 20 जून को देशभर में मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई, ताकि प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई से लेकर परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों की अंतिम समीक्षा की जा सके.

रांची में भी जिला प्रशासन और एनटीए ने संयुक्त रूप से व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और आपातकालीन तैयारियों की जांच की।
रांची में 21 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा
रांची जिले में 21 जून को नीट यूजी 2026 की परीक्षा एक ही पाली में आयोजित की जाएगी।
इसके लिए शहर के कुल 21 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं. इनमें प्रमुख रूप से मारवाड़ी कॉलेज, डोरंडा कॉलेज, निर्मला कॉलेज, गोस्सनर कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय (हिनू, धुर्वा और नामकुम), आर्मी पब्लिक स्कूल दीपाटोली और उर्सुलाइन कॉन्वेंट गर्ल्स हाई स्कूल शामिल हैं.
इन केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए परीक्षा देंगे.
परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 लागू
परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने विशेष एहतियाती कदम उठाए हैं.
सदर अनुमंडल दंडाधिकारी कुमार रजत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के तहत सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है.
यह आदेश 21 जून को दोपहर 12 बजे से शाम 8 बजे तक प्रभावी रहेगा.
इस दौरान—
- पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी,
- किसी भी प्रकार की सभा या बैठक आयोजित नहीं की जा सकेगी,
- ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा,
- हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी.
हालांकि, सरकारी कार्य में लगे अधिकारी और कर्मचारी इस आदेश के दायरे से बाहर रहेंगे.
क्यों बढ़ाई गई चौकसी?
हाल के वर्षों में देशभर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक और कदाचार के आरोपों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे.
ऐसे में इस बार एनटीए ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाए हैं. मॉक ड्रिल के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई कि प्रश्नपत्रों की ढुलाई, सुरक्षित भंडारण और परीक्षा संचालन के दौरान किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश न रहे.
पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती
जिला प्रशासन के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है.
इसके अलावा दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को भी विभिन्न केंद्रों पर प्रतिनियुक्त किया गया है.
प्रशासन का मानना है कि कुछ असामाजिक तत्व परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ जुटाकर शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है.
अभ्यर्थियों के लिए क्या सलाह ?
प्रशासन ने अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचने की सलाह दी है। साथ ही केवल निर्धारित दस्तावेज और आवश्यक सामग्री ही साथ लाने को कहा गया है.
अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से परीक्षा केंद्रों के आसपास लागू प्रतिबंधों का पालन करने की भी अपील की गई है.
देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को लेकर इस बार सिर्फ अभ्यर्थियों की ही नहीं, बल्कि प्रशासन और परीक्षा एजेंसियों की भी बड़ी परीक्षा मानी जा रही है.
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