RANCHI : झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है. आंकड़ों का गणित कुछ और कहानी कह रहा है, लेकिन राजनीतिक दलों का आत्मविश्वास अलग तस्वीर पेश कर रहा है. एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को लेकर भाजपा पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है. पार्टी का दावा है कि आवश्यक समर्थन जुटाकर नाथवानी तीसरी बार झारखंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए राज्यसभा पहुंचेंगे.
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परिमल नाथवानी को लेकर एनडीए का बड़ा दावा
दरअसल, राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए एक उम्मीदवार को 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है. एनडीए के पास फिलहाल 24 विधायक हैं. इनमें भाजपा के 21, आजसू पार्टी का एक, जनता दल (यूनाइटेड) का एक और लोक जनशक्ति पार्टी का एक विधायक शामिल है. बावजूद इसके भाजपा नेताओं का कहना है कि उन्हें अतिरिक्त समर्थन मिलने का पूरा भरोसा है. हजारीबाग पहुंचे भाजपा के मुख्य सचेतक और हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि परिमल नाथवानी निर्दलीय उम्मीदवार हैं. जिन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है. उन्होंने कहा कि नाथवानी दो बार झारखंड का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और राज्य के विधायक तथा सांसद उनके कामकाज से भली-भांति परिचित हैं.नवीन जायसवाल ने दावा किया कि परिमल नाथवानी ने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान झारखंड के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हटिया स्थित एक मैनेजमेंट कॉलेज को नाथवानी ने अपने सांसद निधि से करीब 18 करोड़ रुपये की सहायता दी थी. उनके अनुसार कई विधायक व्यक्तिगत तौर पर भी नाथवानी के संपर्क में हैं और उन्हें समर्थन देंगे.
हॉर्स ट्रेडिंग के सवाल पर कांग्रेस पर निशाना
संभावित हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर भाजपा ने पलटवार किया. नवीन जायसवाल ने कहा कि इस सवाल का जवाब कांग्रेस को देना चाहिए. उनका कहना था कि कांग्रेस के पास अपने दम पर आवश्यक संख्या नहीं है और राजनीतिक परिस्थितियों में समर्थन जुटाने की चुनौती उनके सामने अधिक है. भाजपा का दावा है कि चार से अधिक अतिरिक्त वोट परिमल नाथवानी के पक्ष में आ सकते हैं.
क्या कहता है विधानसभा का गणित
झारखंड विधानसभा में फिलहाल INDIA गठबंधन के कुल 56 विधायक हैं. इनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल के 4 और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 2 विधायक शामिल हैं.राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पहली सीट पर जेएमएम उम्मीदवार बैजनाथ राम की स्थिति काफी मजबूत दिखाई दे रही है और उनका राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है. वहीं दूसरी सीट के लिए मुकाबला अधिक रोचक होता जा रहा है. जहां कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के बीच सियासी गणित और रणनीति की असली परीक्षा होगी. गौरतलब है कि झारखंड की एक राज्यसभा सीट जेएमएम के सह-संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त हुई थी. जबकि दूसरी सीट भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने के कारण खाली हो रही है. दोनों सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है. ऐसे में अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एनडीए 24 के आंकड़े को 28 तक पहुंचाने में सफल होगा या फिर विधानसभा का गणित किसी और राजनीतिक कहानी को जन्म देगा.
