RANCHI : उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के नाम पर रांची में एक बार फिर रंगदारी और धमकी का मामला सामने आया है. कुछ दिनों की शांति के बाद अब फिर से लोगों को संगठन के नाम पर धमकी भरे मैसेज भेजे जा रहे हैं. ताजा मामला तुपुदाना ओपी क्षेत्र का है, जहां एक जमीन मालिक से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है. जानकारी के अनुसार, तुपुदाना निवासी लाल कृष्ण नाथ शाहदेव ने पीएलएफआई के नाम पर रंगदारी मांगने और धमकी देने की शिकायत पुलिस से की है. इस मामले में उन्होंने संगठन के कथित जोनल कमांडर राजेश यादव, गीता शाहदेव और संतोष प्रजापति के खिलाफ तुपुदाना ओपी में प्राथमिकी दर्ज कराई है.

तुपुदाना क्षेत्र के जमीन मालिक को व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए मांगी गई रंगदारी
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 30 अप्रैल को उन्हें पीएलएफआई के लेटरहेड पर एक मैसेज भेजा गया, जिसमें एक करोड़ रुपये की मांग की गई थी. इसके बाद 9 मई को एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल कर खुद को पीएलएफआई का जोनल कमांडर राजेश यादव बताया. फोन करने वाले ने कथित तौर पर कहा कि गीता शाहदेव और संतोष प्रजापति जिस जमीन पर काम कर रहे हैं, उसमें किसी तरह की बाधा न डाली जाए. आरोप है कि विरोध करने पर लाल कृष्ण नाथ शाहदेव और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई. 10 मई को फिर उसी नंबर से कॉल कर दोबारा रंगदारी की मांग की गई. साथ ही धमकी भरा मैसेज भेजकर कहा गया कि एक सप्ताह के भीतर जमीन पर काम शुरू किया जाएगा और यदि काम रुकवाने की कोशिश हुई तो कार्रवाई की जाएगी.
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धमकी मिलने के बाद से पीड़ित परिवार दहशत में है. वहीं प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और कॉल डिटेल्स व अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है. गौरतलब है कि दो दिन पहले ही नामकुम क्षेत्र में भी एक डॉक्टर से पीएलएफआई के नाम पर रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था. लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने एक बार फिर शहर में सुरक्षा व्यवस्था और उग्रवादी गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
