RANCHI : झारखंड में जेटेट भाषा विवाद को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने पांच मंत्रियों की उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है, जो जेटेट नियमावली में जिलावार भाषाओं को लेकर उठ रहे विवाद पर विचार करेगी. इस कमेटी के समन्वयक वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर होंगे.कमेटी में उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, पेयजल मंत्री योगेंद्र प्रसाद और उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार को शामिल किया गया है.
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जेटेट परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है और 21 मई तक फॉर्म भरे जाएंगे.दरअसल, जेटेट में जिलावार भाषा निर्धारण को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है. पलामू क्षेत्र में मगही और भोजपुरी, जबकि संताल परगना में अंगिका भाषा को क्षेत्रीय भाषा सूची में शामिल करने की मांग की जा रही है. वर्तमान नियमावली में इन भाषाओं को जगह नहीं मिलने से कई अभ्यर्थी नाराज हैं. कैबिनेट बैठक में भी इस मुद्दे पर मतभेद सामने आए थे, जहां राधा कृष्ण किशोर और दीपिका पांडेय सिंह ने खुलकर विरोध जताया था.
सरकार ने नियमावली पर फैसला रोककर मंत्री समूह बनाने का निर्णय लिया.यह कमेटी अलग-अलग जिलों में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल या हटाने को लेकर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. माना जा रहा है कि कमेटी की रिपोर्ट के बाद भाषा विवाद पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है.
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