PAKUR : सदर प्रखंड के तिलभिटा स्टेशन के समीप कुलापहाड़ी सड़क किनारे करीब 40 फीट गहरी पत्थर खदान खोदकर छोड़ देने से राहगीरों की जान जोखिम में पड़ गई है. प्रतिदिन आमजन सहित दो चक्का, चार चक्का और बड़ी बड़ी मालवाहक गाड़ियां जान हथेली पर रखकर इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं. खदान सड़क से सटी होने के कारण जरा सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि खदान निर्माण के बाद सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं,न घेराबंदी की गई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाया गया है. ग्रामीणों ने बताया कि रात के अंधेरे में यह जगह और खतरनाक हो जाती है. कभी भी वाहन या राहगीर खदान में गिर सकते हैं. लोगों का आरोप है कि लीजधारक द्वारा पत्थर उत्खनन के बाद खदान को खुला छोड़ दिया गया.
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जिससे आमजन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया की पूर्व में एक व्यक्ति की गिर कर मौत हो गई हैं.स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा घेराबंदी, चेतावनी बोर्ड लगाने तथा मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।लोगों का कहना है कि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो बड़ा हादसा हो सकता है.

लीज खत्म होने के बाद खदान में नहीं डाली गई मिट्टी,डीसी से कार्रवाई की मांग
कुलापहाड़ी रास्ते के बगल पत्थर खदान में लीज अवधि समाप्त होने के बाद भी खनन स्थल की भराई नहीं किए जाने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है.आरोप है कि लीजधारक द्वारा पत्थर खदान छोड़ देने के बाद नियमों के तहत मिट्टी भराई और समतलीकरण का कार्य नहीं कराया गया. जिससे गहरे गड्ढे हादसे को दावत दे रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे छोड़ी गई गहरी खदानें राहगीरों के लिए खतरा बनी हुई हैं।बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है. खनन नियमों के तहत लीज समाप्ति के बाद भूमि को सुरक्षित बनाने का प्रावधान है,लेकिन इसका पालन नहीं किया गया.
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