JAMSHEDPUR : शहर में बढ़ती गर्मी का असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है. तापमान 42 डिग्री के करीब पहुंचने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है. सुबह 11 बजे के बाद लोग घरों में रहना ही बेहतर समझ रहे हैं. दोपहर के समय सड़कें लगभग सुनसान नजर आ रही हैं और बाजार की अधिकतर दुकानें बंद हो जा रही हैं. स्टील सिटी. ग्रीन सिटी और क्लीन सिटी के नाम से पहचाने जाने वाले जमशेदपुर में इस बार गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. खासकर रोज कमाकर खाने वाले लोगों के लिए यह मौसम चुनौती बन गया है. ठेला और छोटी दुकान लगाने वाले लोग पेड़ों की छांव में अपना रोजगार चला रहे हैं ताकि तेज धूप और गर्मी से कुछ राहत मिल सके.

बढ़ते तापमान ने बदली लोगों की दिनचर्या, पेड़ों की कटाई, बढ़ती आबादी और AC को माना जा रहा वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले शहर में हरियाली अधिक थी और गर्मी भी इतनी नहीं पड़ती थी. लेकिन बढ़ती आबादी. लगातार पेड़ों की कटाई और तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो रही है. घरों और दफ्तरों में AC के बढ़ते इस्तेमाल को भी गर्मी बढ़ने की एक बड़ी वजह माना जा रहा है. सड़क किनारे शरबत बेचने वाले एक दुकानदार ने बताया कि उनके पिता पिछले दो दशक से इसी जगह पर दुकान लगाते थे. अब वह खुद इस काम को कर रहे हैं लेकिन बढ़ते तापमान के कारण पेड़ के नीचे ठेला लगाना मजबूरी बन गया है.
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पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो. प्रसन्नजीत सरकार ने बताया कि पिछले कई वर्षों में शहर का तापमान 40 डिग्री से ऊपर कम ही देखने को मिलता था. अब समय के साथ रहन-सहन में बदलाव और शहरीकरण का असर पर्यावरण पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि शहर में हरियाली बनाए रखने की कोशिश की जा रही है लेकिन आबादी बढ़ने के साथ पेड़ों की संख्या घट रही है. उन्होंने बताया कि शहर में अब कुएं और तालाब पहले की तुलना में काफी कम हो गए हैं. मैदान भी सिकुड़ते जा रहे हैं और हर जगह निर्माण कार्य हो रहा है. इससे भूगर्भ जल स्तर नीचे जा रहा है. जिसका असर जमीन के तापमान पर भी पड़ रहा है. पर्यावरण विशेषज्ञ के मुताबिक. सूरज और धरती के बीच मौजूद ओजोन लेयर सूर्य की गर्मी को नियंत्रित करने में मदद करती है. लेकिन AC समेत अन्य स्रोतों से निकलने वाली गैसों का असर ओजोन लेयर पर पड़ रहा है. जिससे तापमान बढ़ रहा है.
उन्होंने लोगों से जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने की अपील की है. उनका कहना है कि आने वाले समय में बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए पेड़ लगाना और जल संचय करना बेहद जरूरी है.
