RANCHI/CHAIBASA : पश्चिमी सिंहभूम जिले के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बरंगा के शिक्षक गुलशन जी इन दिनों अपने समर्पण और हौसले को लेकर चर्चा में हैं. उनकी मेहनत और बच्चों के प्रति लगाव ने जिला प्रशासन का भी दिल जीत लिया है. पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) ने उनसे मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की और उनके जज्बे को जिले के लिए प्रेरणादायक बताया.
शिक्षक गुलशन से मिलकर भावुक हुए पश्चिमी सिंहभूम के DC

पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बरंगा में शिक्षक गुलशन जी से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि गुलशन जी का आत्मविश्वास, चेहरे पर सहज मुस्कान और बच्चों के प्रति समर्पण उन्हें भीतर तक प्रभावित कर गया.
DC ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जीवन में आने वाली चुनौतियां हमेशा रास्ता रोकने के लिए नहीं होतीं, बल्कि वे हमारे हौसले को परखती हैं. गुलशन जी को देखकर उन्हें यह एहसास हुआ कि मजबूत इरादों के सामने शारीरिक सीमाएं भी छोटी पड़ जाती हैं.
बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटे हैं गुलशन जी
शिक्षक गुलशन जी का अपने विद्यार्थियों के प्रति समर्पण और पढ़ाने के प्रति लगाव उन्हें खास बनाता है. उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य की ओर बढ़ा जा सकता है.
DC ने कहा कि यह मुलाकात उन्हें लंबे समय तक याद रहेगी और हर कठिन परिस्थिति में आगे बढ़ते रहने का हौसला देती रहेगी.

जिले के शिक्षकों और कर्मियों के लिए भी कही बड़ी बात
पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त ने शिक्षक गुलशन जी को जिले के लिए सच्ची प्रेरणा बताया. साथ ही जिले के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मियों के काम की सराहना की.
उन्होंने कहा कि जिले के शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मचारियों का निरंतर प्रयास, अथक परिश्रम और सेवाभाव ही जिले के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है.
गुलशन जी जैसे समर्पित शिक्षक यह याद दिलाते हैं कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को बेहतर भविष्य देने के लिए मेहनत, हौसले और समर्पण की भी जरूरत होती है.
