KODERMA : झारखंड हाईकोर्ट ने कोडरमा जिले के मरकच्चो अंचल की करीब 9 एकड़ रैयती जमीन से जुड़े विवाद में कड़ा रुख अपनाया है.
अदालत ने राज्य सरकार को इस जमीन का पैरेंट रजिस्टर यानी मूल पुराना रिकॉर्ड कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है.
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यह विवाद कोडरमा के मरकच्चो अंचल के मौजा-पूर्णानगर, हल्का-VII, खाता संख्या 104 और होल्डिंग संख्या 104 की लगभग 9 एकड़ जमीन से जुड़ा है.
इस मामले में हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस आनंदा सेन की बेंच में सुनवाई हुई. अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तिथि तय की है.
याचिकाकर्ता नरेश भारती और त्रिलोकी भारती ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. उनका दावा है कि उक्त जमीन पर उनके पिता और उनका वर्षों से विधिवत कब्जा है.
सरकारी रिकॉर्ड रजिस्टर-II के पेज 132, सीरियल 14 के मुताबिक 1994 तक इस जमीन की मालगुजारी रसीद सरकार द्वारा दी जाती रही है.
याचिकाकर्ताओं के अनुसार समस्या तब शुरू हुई जब जमीन के रिकॉर्ड को ऑनलाइन किया गया. 1994 के बाद ऑनलाइन रिकॉर्ड में अचानक बकाया दिखने लगा. इसके बाद सिस्टम से रसीद कटना बंद हो गई.
रसीद न मिलने पर उन्होंने मरकच्चो अंचल कार्यालय में कई बार आवेदन दिया. बकाया जमा करने और नई रसीद की मांग की. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. थक-हारकर उन्हें हाईकोर्ट जाना पड़ा.
जमीनी हक और रिकॉर्ड की सत्यता जांचने के लिए अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह इस जमीन का पैरेंट रजिस्टर कोर्ट में दाखिल करे.
मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रवि कुमार और अंशुमन मिश्रा ने पक्ष रखा.
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