HAZARIBAGH : झारखंड हाईकोर्ट ने हजारीबाग जिले के बरकठा अंचल के मौजा-बेरो कला की 117.68 एकड़ जमीन के विवाद में बड़ा आदेश दिया है.
इसे भी पढ़ें : बिष्टुपुर की घटना के बाद आदित्यपुर में प्रशासन सख्त, 21 वर्ष से कम उम्र के लोगों के बार में प्रवेश पर रोक
अदालत ने विवादित जमीन पर फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है. साथ ही 118 रैयतों की जमाबंदी रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है.
न्यायमूर्ति आनंद सेन की एकलपीठ ने लक्ष्मण कुमार दास व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया.
अदालत ने राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है.
याचिकाकर्ताओं के वकील इंद्रजीत सिन्हा, रवि कुमार, राहुल कमलेश और अंशुमन मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि मौजा-बेरो कला, थाना नं. 45, खाता नं. 01 की इस जमीन पर पिछले 40 वर्षों से 118 रैयतों के नाम से जमाबंदी चली आ रही थी.
लेकिन बरही के एसडीओ ने 27 अगस्त 2024 को आदेश देकर सभी 118 रैयतों की जमाबंदी अचानक रद्द कर दी.
इसके बाद उक्त जमीन की नई जमाबंदी एक निजी प्रतिवादी के नाम पर दर्ज कर दी गई.वकीलों ने बताया कि इस जमीन को लेकर पहले भी विवाद हुआ था.
24 जुलाई 1984 को उत्तर छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त ने निजी प्रतिवादी के दावे को खारिज कर दिया था. और 118 रैयतों के पक्ष में आदेश दिया था.
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 40 साल पुराने प्रमंडलीय आयुक्त के आदेश और दशकों के कब्जे को दरकिनार कर एसडीओ द्वारा जमाबंदी रद्द करना नियमों के खिलाफ है.
इसे भी पढ़ें : राजद ने मनाया 30वां स्थापना दिवस , कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत करने का किया आह्वान
