GODDA : झारखंड के गोड्डा जिले के बोआरीजोर प्रखंड में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना को लेकर कथित अनियमितताओं की चर्चा तेज हो गई है.
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लाभुकों की सूची में ऐसे नाम सामने आने की बात कही जा रही है, जिनसे योजना की पारदर्शिता और पात्रता जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं.
स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रखंड क्षेत्र में कई युवा युवक-युवतियों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलने की जानकारी सामने आई है.
वहीं कुछ महिलाओं के नाम पर विधवा पेंशन स्वीकृत होने का भी आरोप लगाया जा रहा है, जबकि उनके पति जीवित बताए जा रहे हैं.
मामले के सामने आने के बाद लोगों ने पेंशन लाभुकों की सूची, आवेदन पत्रों और ऑनलाइन डाटा एंट्री की जांच की मांग की है.
उनका कहना है कि यदि लाभुकों का सत्यापन निर्धारित नियमों के अनुसार किया गया था, तो फिर ऐसे मामलों को मंजूरी कैसे मिली.
सूत्रों के मुताबिक, पेंशन से जुड़े रिकॉर्ड और ऑनलाइन प्रविष्टियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं.
इस दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर राजा राम की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. हालांकि अब तक किसी अधिकारी ने इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है .
फिलहाल लोगों की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है. निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि अनियमितताएं हुई हैं तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है.
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