RANCHI : झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम करीब दो साल बाद जमानत पर जेल से रिहा हो गए. उनकी रिहाई के बाद समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला. उनके आवास पर स्वागत और जश्न का दौर जारी है. परिवार के साथ-साथ उनका पोता भी काफी खुश नजर आया.
जेल से बाहर आने के बाद आलमगीर आलम ने कहा कि लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 14 मई 2024 को उन्हें ईडी का नोटिस मिला था. कानून का सम्मान करते हुए वे लंबी दूरी तय कर रांची पहुंचे और जांच में सहयोग किया. उन्होंने कहा कि करीब दो साल बाद उन्हें जमानत मिली है. आलमगीर आलम ने कहा कि जेल में रहने के बावजूद उन्हें लगातार लोगों का समर्थन मिलता रहा. उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहकर किए गए कार्यों को लोग आज भी याद कर रहे हैं और यही उनके लिए सबसे बड़ी ताकत और उपलब्धि है.
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कांग्रेस और सरकार के बीच मतभेद से किया इनकार, CM हेमंत सोरेन की तारीफ
आलमगीर आलम ने कहा कि जेल में बिताए समय ने उन्हें यह समझा दिया कि असली अपने कौन हैं और कौन सिर्फ नाम के साथी थे. उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा सभी को बराबर माना और कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया. उनका कहना था कि उनका दिल बड़ा है और वे किसी के प्रति मन में नाराजगी नहीं रखते। कठिन समय में साथ नहीं देने वालों को भी उन्होंने माफ कर दिया है.
उन्होंने पाकुड़ विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र की जनता का विशेष आभार जताते हुए कहा कि जिस दिन उन्हें ईडी का नोटिस मिला, उसी दिन वहां उनका एक कार्यक्रम भी निर्धारित था. उन्होंने लोगों तक संदेश पहुंचाया था कि यदि वे खुद नहीं आ पाएं तो भी सभी विजय हांसदा को समर्थन दें, और जनता ने उनका भरोसा बनाए रखा.
आलमगीर आलम ने कहा कि उन्हें सरकार और कांग्रेस पार्टी के बीच किसी तरह का मतभेद दिखाई नहीं देता. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को समझदार और सभी को साथ लेकर चलने वाला नेता बताया. साथ ही कहा कि स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक होने के बाद वे फिर से लोगों के बीच जाकर सबसे मुलाकात करेंगे. सक्रिय राजनीति पर सस्पेंस, SIR पर बोले – स्थानीय लोगों के हक से नहीं होना चाहिए समझौता
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पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि फिलहाल उन्होंने यह फैसला नहीं किया है कि वे आगे सक्रिय राजनीति में रहेंगे या नहीं. उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता हमेशा जनता की सेवा और समाज के कल्याण के लिए काम करना रही है, और आगे भी यही प्रयास जारी रहेगा.
एसआईआर को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें इस प्रक्रिया से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसके नाम पर किसी तरह की राजनीति या साजिश नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के अधिकारों और हिस्सेदारी की रक्षा जरूरी है. बाहर से आकर कोई व्यक्ति यहां के लोगों के अधिकारों पर कब्जा करे, यह स्वीकार नहीं किया जा सकता.
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उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है. भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी चुनावी लाभ के लिए लंबी रणनीति बना रही है, लेकिन यह सुनिश्चित होना चाहिए कि किसी गरीब और वर्षों से यहां रह रहे व्यक्ति के साथ अन्याय न हो.
आलमगीर आलम ने कहा कि देश सभी नागरिकों का है और सभी को मिल-जुलकर रहने का अधिकार है, लेकिन स्थानीय लोगों के हक और सम्मान से समझौता नहीं होना चाहिए.
