RANCHI / GIRIDIH : गिरिडीह में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर मंगलवार को कांग्रेस और भाकपा माले के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रतिवाद मार्च निकाला. मार्च में शामिल नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और उनके इस्तीफे के साथ-साथ उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठाई.

प्रतिवाद मार्च की शुरुआत गिरिडीह के झंडा मैदान से हुई. बड़ी संख्या में कांग्रेस और माले कार्यकर्ता पार्टी के झंडे लेकर शहर की सड़कों पर निकले. मार्च नटराज चौक पहुंचा, जहां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इसके बाद मार्च टावर चौक और कालीबाड़ी चौक होते हुए बड़ा चौक पहुंचा और अंत में गांधी चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने जाकर समाप्त हुआ.
SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने पर सवाल
गांधी चौक पर आयोजित सभा में भाकपा माले के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की.वहीं, माले के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने SIR के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई.कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश केडिया ने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में चुनावी प्रक्रिया और संविधान के प्रावधानों की अनदेखी की गई है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की.
कांग्रेस और माले के कई नेता रहे मौजूद
प्रतिवाद मार्च में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुरेंद्र सिंह, माले के पूर्व विधायक राजकुमार यादव, पूर्व विधायक विनोद सिंह, धनंजय सिंह, मोहम्मद समीम, राजेश सिन्हा, मनोज यादव, डॉ. समीर राज चौधरी, अशोक विश्वकर्मा और जयंती कुमारी समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए.
SIR और Form-6 को लेकर क्या है विवाद ?
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग के बीच लंबे समय से मतभेद सामने आ रहे हैं. विपक्षी दलों की ओर से SIR की प्रक्रिया और Form-6 में कथित बदलाव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर होने का खतरा पैदा हो सकता है.
हालांकि, चुनाव आयोग ने Form-6 में मूल बदलाव किए जाने के आरोप से इनकार किया है.आयोग का कहना है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान Form-6 के साथ अतिरिक्त घोषणा-पत्र जोड़ा गया है.गिरिडीह में हुआ यह प्रतिवाद मार्च इसी व्यापक राजनीतिक विवाद के बीच हुआ है, जिसमें कांग्रेस और भाकपा माले ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया.
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