RANCHI : चेहरे पर आत्मविश्वास, आंखों में चमक और कुछ कर गुजरने का जज्बा. ये कहानी है पलामू के हुसैनाबाद के बैरांव गांव से निकलकर अपनी अलग पहचान बनाने वाली रश्मि मेहता की. रश्मि एक ओर झारखंड हाई कोर्ट में अधिवक्ता के तौर पर कानून की लड़ाई लड़ती हैं, तो दूसरी ओर क्रिकेट के मैदान पर भी अपने हुनर का लोहा मनवा रही हैं.

रांची के जिमखाना क्लब के मैदान पर रविवार, 4 अक्टूबर को खेले गए मुकाबले में रश्मि ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया. यह मुकाबला झारखंड हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन की Women’s Premier League के तहत खेला गया, जिसमें रश्मि ने अपनी टीम को रनर-अप का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई. रश्मि के प्रदर्शन को देखकर मैदान पर मौजूद लोगों ने उनकी प्रतिभा की जमकर सराहना की. कानून जैसे गंभीर पेशे के साथ क्रिकेट के मैदान पर उनका सक्रिय रहना और बेहतर प्रदर्शन करना उनके जुनून और मेहनत को दिखाता है.

बैरांव गांव से रांची तक का सफर
पलामू के हुसैनाबाद प्रखंड के बैरांव गांव से निकलकर रांची तक का रश्मि का सफर कई मायनों में खास है. उन्होंने कानून के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के साथ-साथ खेल के प्रति अपने जुनून को भी जिंदा रखा. रविवार को जिमखाना क्लब के मैदान पर उनका प्रदर्शन सिर्फ एक क्रिकेट मैच तक सीमित नहीं रहा. यह उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा की तस्वीर बनी, जो अपने करियर के साथ अपनी पसंद और प्रतिभा को भी आगे बढ़ाना चाहती हैं.
रश्मि मेहता की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि वह एक साथ दो अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं. एक तरफ वह झारखंड हाई कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में काम कर रही हैं, वहीं क्रिकेट के मैदान पर भी लगातार अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं. उनके इस प्रदर्शन के बाद बैरांव, जपला और हुसैनाबाद के लोगों में भी खुशी और गर्व का माहौल है. गांव से निकलकर रांची के बड़े मैदान तक पहुंचना और अपनी टीम के लिए अहम भूमिका निभाना रश्मि की मेहनत और लगन की कहानी कहता है. रश्मि मेहता की यह उपलब्धि बताती है कि अगर जुनून और मेहनत साथ हो, तो एक ही व्यक्ति अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकता है.
