RANCHI : गोलमुरी स्थित कैनरा बैंक में दिनदहाड़े हुई करोड़ों की डकैती के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है. बैंक से 42 लाख रुपये नकद और 23 किलो 800 ग्राम सोना लूटने वाले पांच संदिग्धों का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. पुलिस ने सभी पांच संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए 2-2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है. जमशेदपुर के एसएसपी एहतेशाम वकारिब ने आम लोगों से आरोपियों के बारे में जानकारी साझा करने की अपील की है.
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बैंक पहुंचकर डीआईजी और सीआईडी के एडीजी ने की जांच
शुक्रवार को डीआईजी कोल्हान अनुरंजन किस्पोट्टा और सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक ने बैंक पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया. दोनों वरीय अधिकारियों ने बैंक परिसर में काफी समय बिताया और डकैती से जुड़े विभिन्न पहलुओं की बारीकी से जांच की. इस दौरान फॉरेंसिक टीम ने बैंक से फिंगरप्रिंट समेत अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाए. पुलिस ने संदिग्धों का सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया है. फुटेज में पांचों संदिग्ध बैंक में प्रवेश करते और वारदात के बाद वहां से निकलते नजर आ रहे हैं. पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी पहचान करने में जुटी है. मामले की जांच के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है.
अंतरराज्यीय गिरोह के शामिल होने की आशंका
जांच के दौरान डीआईजी कोल्हान और सीआईडी के एडीजी ने इस डकैती में अंतरराज्यीय गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई है. पुलिस आसपास के राज्यों की पुलिस से भी जांच में सहयोग लेने पर विचार कर रही है. अधिकारियों ने 2018 में रांची में हुई एक बैंक डकैती का उदाहरण देते हुए कहा कि इस बात की आशंका है कि अपराधी वारदात के बाद शहर से बाहर नहीं निकले हों. उस मामले में अपराधियों ने लूट के बाद शहर के एक होटल में कमरा लेकर शरण ली थी. पुलिस के मुताबिक, जमशेदपुर बैंक डकैती के मामले में भी अब तक अपराधियों के शहर से बाहर निकलने के संकेत नहीं मिले हैं.
बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में मिलीं कई खामियां
जांच के दौरान पुलिस को बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में कई खामियां भी मिली हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि बैंक का अलार्म नजदीकी पुलिस स्टेशन से जुड़ा नहीं था. इसके अलावा, बैंक की टाइमिंग, कर्मचारियों की सीटिंग पोजिशन और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी आरोपियों के पास होने की बात सामने आई है. पुलिस को आशंका है कि बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने से पहले लंबे समय तक बैंक की रेकी की होगी. इस मामले में स्थानीय स्तर पर मदद मिलने की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है. हालांकि, पुलिस ने बैंक के अंदर से किसी व्यक्ति की संलिप्तता की संभावना को खारिज किया है.
24 सितंबर को दिनदहाड़े हुई थी करोड़ों की डकैती
गौरतलब है कि 24 सितंबर को सुबह जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित भीड़भाड़ वाले इलाके में कैनरा बैंक में पांच बदमाशों ने हथियार के बल पर डकैती की थी. बदमाशों ने ग्राहकों और बैंक कर्मचारियों को गन पॉइंट पर बंधक बनाकर 42 लाख रुपये नकद और 23 किलो 800 ग्राम सोना लूट लिया था. लूटे गए सोने की कीमत करीब 33 करोड़ 20 लाख रुपये बताई गई है. यह सोना उन ग्राहकों का था, जिन्होंने बैंक से गोल्ड लोन लिया था. वारदात के दौरान सभी बदमाशों ने रेनकोट पहन रखा था. बैंक में प्रवेश करने और वारदात के बाद भागने के दौरान उनके चेहरे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए. फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और लूटे गए कैश व सोने की बरामदगी के प्रयास में जुटी है.
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