रांची : रेल मंडल में रेल परिचालन को और अधिक सुरक्षित, तेज और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है.मंडल मुख्यालय स्थित डीआरएम कार्यालय परिसर में लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सेंट्रलाइज कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा. इसके शुरू होने के बाद मंडल में संचालित सभी ट्रेनों की निगरानी एक ही स्थान से की जा सकेगी.
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रियल टाइम में मिलेगी हर ट्रेन की जानकारी

प्रस्तावित कंट्रोल सेंटर में बड़ी वीडियो वॉल, डिजिटल मॉनिटर और आधुनिक संचार प्रणाली स्थापित की जाएगी. इनकी मदद से ट्रेनों की रियल टाइम लोकेशन, गति, समयपालन, सिग्नलिंग और परिचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां लगातार अधिकारियों के सामने उपलब्ध रहेंगी.
यदि किसी ट्रेन के संचालन में तकनीकी समस्या, सिग्नल फेल होने या विलंब जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो कंट्रोल सेंटर से तत्काल निर्णय लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी.
जीपीएस और सिग्नलिंग सिस्टम से रहेगा सीधा कनेक्शन
नई व्यवस्था को जीपीएस, रेलवे सिग्नलिंग नेटवर्क और कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा जाएगा. इसके जरिए कंट्रोलर हर ट्रेन की गतिविधियों पर लगातार नजर रख सकेंगे.
इसी केंद्र से ट्रेनों की प्राथमिकता तय करने, क्रॉसिंग की योजना बनाने और पूरे रेल परिचालन को सुचारु बनाए रखने का कार्य किया जाएगा. इससे संचालन की गति और दक्षता दोनों में सुधार होने की उम्मीद है.
सभी विभागों के बीच होगा बेहतर समन्वय
सेंट्रलाइज कंट्रोल सेंटर रेलवे के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को भी मजबूत करेगा.स्टेशन मास्टर, लोको पायलट, गार्ड, सिग्नल विभाग, इंजीनियरिंग शाखा और अन्य संबंधित इकाइयों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान इसी केंद्र के माध्यम से होगा.
किसी भी तकनीकी गड़बड़ी या आपात स्थिति की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी, जिसके बाद संबंधित टीम को बिना देरी मौके पर भेजा जा सकेगा.
डिजास्टर कंट्रोल सेंटर भी होगा स्थापित
इस परियोजना के तहत ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन, रेलवे ट्रैक और सिग्नलिंग व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष तकनीकी प्रणाली विकसित की जाएगी.
इसके साथ ही एक आधुनिक डिजास्टर कंट्रोल सेंटर भी बनाया जाएगा.रेल दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में यही केंद्र राहत और बचाव कार्यों का मुख्य संचालन केंद्र होगा.यहां से मेडिकल, इंजीनियरिंग, रेलवे सुरक्षा बल और अन्य विभागों के बीच त्वरित समन्वय स्थापित किया जाएगा.
यात्रियों को समय पर मिलेगी सही जानकारी
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रेन के विलंब, रद्द होने या मार्ग परिवर्तन जैसी जानकारियां तुरंत संबंधित स्टेशनों और यात्री सूचना प्रणाली तक पहुंचाई जा सकेंगी. इससे यात्रियों को समय पर सटीक और अपडेट जानकारी मिलेगी तथा रेल सेवाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता में भी सुधार होगा.
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