BOKARO : बीएसएल कर्मी सुभाष चंद्र मोदी की मौत के बाद कई दिनों से चल रहा विवाद आखिरकार प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया. सोमवार को उपायुक्त अजय नाथ झा खुद धरनास्थल पहुंचे और मृतक की पत्नी सोनमणी देवी का आमरण अनशन समाप्त कराया.
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इससे पहले उपायुक्त कार्यालय में जिला प्रशासन, सेल प्रबंधन, मृतक के परिजन और आंदोलन का समर्थन कर रहे प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत वार्ता हुई. बातचीत के दौरान परिवार की मांगों और उपलब्ध कानूनी प्रावधानों पर चर्चा की गई. बैठक के बाद कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी.
समझौते के अनुसार मृतक के दोनों बेटों को रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. परिवार को मेडिकल सुविधा देने का आश्वासन भी दिया गया है. इसके अलावा परिवार की एक बेटी को झारखंड सरकार में जिला स्तर पर आर्चरी कोच के रूप में अवसर उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी.
गौरतलब है कि बोकारो स्टील प्लांट के एसएमएस एवं सीसीएस विभाग में कार्यरत सुभाष चंद्र मोदी ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे. लंबे इलाज के बाद 17 जुलाई को उनका निधन हो गया. इसके बाद परिजनों ने आश्रित को नौकरी, मुआवजा, वैधानिक देय राशि और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया था.

आंदोलन के दौरान मृतक का शव कई दिनों तक बोकारो जनरल अस्पताल के मॉर्चरी में रखा रहा. परिजन अपनी मांगों पर ठोस आश्वासन मिलने तक अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं थे. प्रशासन और सेल प्रबंधन के साथ लगातार चली बातचीत के बाद गतिरोध खत्म हुआ .
अनशन समाप्त होने के समय धरनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र राज समेत कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी पूरे आंदोलन के दौरान परिवार का समर्थन किया.
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