रांची : झारखंड में सड़क निर्माण और रखरखाव की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को राज्य की सभी सड़कों की जियो टैगिंग कराने के निर्देश दिए हैं. इसका उद्देश्य प्रत्येक सड़क की वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना, निर्माण और मरम्मत कार्यों की प्रभावी निगरानी करना तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है.

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, जियो टैगिंग के माध्यम से राज्य की प्रत्येक सड़क का सटीक भौगोलिक स्थान, लंबाई, चौड़ाई और उसकी वर्तमान स्थिति का डिजिटल दस्तावेज तैयार किया जाएगा. इससे यह पता लगाना आसान होगा कि किस सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है, कहाँ मरम्मत की आवश्यकता है और किन परियोजनाओं पर कार्य निर्धारित समय के अनुसार चल रहा है.
क्या है जियो टैगिंग ?
जियो टैगिंग ऐसी तकनीक है, जिसमें किसी सड़क, भवन या अन्य सार्वजनिक परिसंपत्ति को उसके भौगोलिक निर्देशांकों (जीपीएस लोकेशन) के साथ डिजिटल रूप से दर्ज किया जाता है. इसके साथ तस्वीरें और अन्य तकनीकी विवरण भी जोड़े जाते हैं. इससे किसी भी परियोजना की वास्तविक स्थिति को मौके पर जाए बिना भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखा और परखा जा सकता है.
मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM ने राज्य की सभी सड़कों की जियो टैगिंग कराने के निर्देश दिए, ताकि उनकी वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन हो सके और विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। pic.twitter.com/mk8GODw5V5
— IPRD Jharkhand (@prdjharkhand) July 15, 2026
निगरानी होगी अधिक प्रभावी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि सड़क परियोजनाओं की गुणवत्ता और प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाए. जियो टैगिंग के बाद विभाग के पास प्रत्येक सड़क का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा. इससे निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय करने, कार्यों की समय-समय पर समीक्षा करने और अनियमितताओं की पहचान करने में आसानी होगी।
जनता को क्या होगा लाभ ?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जियो टैगिंग प्रणाली प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो सड़क परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी. खराब या क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान शीघ्र हो सकेगी, मरम्मत कार्यों की प्राथमिकता तय करना आसान होगा और विकास योजनाओं की निगरानी अधिक वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी. इससे सार्वजनिक धन के उपयोग पर भी बेहतर नियंत्रण संभव होगा.
डिजिटल शासन की दिशा में एक और कदम
राज्य सरकार पिछले कुछ समय से विभिन्न विभागों में डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रही है. सड़कों की जियो टैगिंग को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. इससे भविष्य में सड़क अवसंरचना से जुड़े निर्णय अधिक सटीक आँकड़ों के आधार पर लिए जा सकेंगे और विकास कार्यों की प्रगति का वास्तविक आकलन संभव होगा.
