RANCHI : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari ने राज्य के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने को लेकर सख्त रुख अपनाया है.
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शुक्रवार को हुई करीब तीन घंटे की समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी सिविल सर्जनों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अगले 15 दिनों के भीतर अस्पतालों में सुधार जमीन पर दिखना चाहिए.ऐसा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली, अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की समीक्षा की गई.
मंत्री ने कहा कि जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिले के सदर अस्पताल में ही रहें और बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ें.
उन्होंने चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर निलंबन जैसी कार्रवाई की जा सकती है.
बैठक में राज्य की एंबुलेंस सेवा को भी मजबूत करने का निर्णय लिया गया. मंत्री ने घोषणा की कि 108 एंबुलेंस सेवा के अलावा प्रत्येक अस्पताल को चार अतिरिक्त एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएंगी.
साथ ही एंबुलेंस चालकों को टैबलेट दिए जाएंगे, जिससे मरीजों तक पहुंचने और अस्पताल तक पहुंचाने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सके.
मानसून को देखते हुए डेंगू और मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों की रोकथाम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों को आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं और जागरूकता अभियान को मजबूत करने का निर्देश दिया गया.
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव Ajay Kumar Singh ने भी अधिकारियों को जनता के बीच जाकर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी करने का निर्देश दिया.
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