Ranchi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी उनके साथ मौजूद रहेंगी. यह दौरा कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का गृह जिला मयूरभंज इस कार्यक्रम का केंद्र होगा और आदिवासी परंपराओं से जुड़े कई कार्यक्रमों में दोनों शीर्ष नेता भाग लेंगे.
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का कार्यक्रम शनिवार सुबह लगभग 11:15 बजे मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव से शुरू होगा. यहां दोनों नेता संथाली जहेरा और हो जहेरा के पवित्र उपवनों में पूजा-अर्चना करेंगे. इसके अलावा वे कौशल विकास केंद्र और पहाड़पुर स्कूल का भी दौरा करेंगे.

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी और ग्रामीण समुदायों के बीच शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है. इसे जनजातीय क्षेत्रों में विकास और सहभागिता का एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है.
47,600 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
दोपहर करीब एक बजे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मयूरभंज जिले के रायरांगपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे. यह आयोजन ओडिशा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में “विकास धारा, ओडिशा सारा” थीम के तहत आयोजित किया जा रहा है.
इस अवसर पर प्रधानमंत्री 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. वे कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे.
ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगी मजबूती
जिन प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, उनमें 600 मेगावाट क्षमता की अपर इंद्रावती पंप स्टोरेज परियोजना शामिल है. इसके अलावा आईबी थर्मल पावर स्टेशन के चरण-दो विस्तार के तहत 660 मेगावाट की दो नई इकाइयों की नींव रखी जाएगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से ओडिशा की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और राज्य के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी.
कोयले के स्वच्छ उपयोग पर जोर
झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (बीसीजीसीएल) परियोजना की आधारशिला भी रखी जाएगी. इस परियोजना का उद्देश्य घरेलू कोयला संसाधनों का स्वच्छ उपयोग बढ़ाना और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करना है.
सरकार का दावा है कि इससे क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
सड़क, पुल और सिंचाई परियोजनाओं को भी मिलेगी रफ्तार
प्रधानमंत्री जिन अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे, उनमें भुवनेश्वर में 300 टन प्रतिदिन क्षमता वाला स्रोत-पृथक नगरपालिका ठोस अपशिष्ट आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र शामिल है.
इसके अलावा कटक और भुवनेश्वर को सीधे जोड़ने वाले काठाजोड़ी नदी पर पुल, बौध जिले में ढालपुर-हरभंगा सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य, नुआपड़ा से घाटीपाड़ा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-353 के चार लेन निर्माण और कुसुमदिही मेगालिफ्ट सिंचाई परियोजना की भी आधारशिला रखी जाएगी.
रायरांगपुर में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र और इंडोर बैडमिंटन कॉम्प्लेक्स की स्थापना भी प्रस्तावित है.
स्वास्थ्य और सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
दौरे के दौरान बौध जिले में 300 बिस्तरों वाले जिला मुख्यालय अस्पताल भवन का उद्घाटन किया जाएगा.
इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों में 24 अटल बस स्टैंड और नौ स्वचालित परीक्षण केंद्रों का भी उद्घाटन होगा. माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं से स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलेगी.
रेलवे और खेल अवसंरचना पर भी फोकस
उद्घाटन की जाने वाली अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं में राष्ट्रीय राजमार्ग-57 पर नयागढ़ टाउन बाईपास, कुसुमी स्मार्ट सिंचाई परियोजना का भूमिगत पाइपलाइन घटक, जाखपुरा-जाजपुर क्योंझर रोड-बैतरानी रोड मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना और हिंदोल रोड-मेरामंडली मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना शामिल हैं.
इसके अलावा रायरांगपुर में खेल परिसर और जनजातीय अनुसंधान केंद्र का भी उद्घाटन किया जाएगा.
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के संयुक्त दौरे को देखते हुए मयूरभंज जिले में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
ओडिशा के एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) संजय कुमार ने बताया कि यह बेहद दुर्लभ अवसर है, जब देश की राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री एक साथ मयूरभंज जिले के रायरांगपुर पहुंच रहे हैं.
उन्होंने कहा कि सुरक्षा के तीन स्तरीय इंतजाम किए गए हैं और इसमें पुलिस महानिदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी निगरानी कर रहे हैं. लगभग 120 प्लाटून सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है.
इसके अतिरिक्त सीआरपीएफ की तीन कंपनियां, बीएसएफ की दो कंपनियां, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की कई टीमें और स्पेशल टैक्टिकल यूनिट (एसटीयू) के जवान भी तैनात किए गए हैं. मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की दो टीमें भी मौके पर तैनात की गई हैं.
क्यों अहम माना जा रहा है यह दौरा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह संयुक्त दौरा केवल राजनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और विकासात्मक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. एक ओर आदिवासी परंपराओं और जनजातीय अस्मिता को सम्मान देने का संदेश दिया जाएगा, वहीं दूसरी ओर हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं के जरिए राज्य के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाओं का रास्ता खुलने की उम्मीद जताई जा रही है.
