RANCHI: डोरंडा थाना क्षेत्र के रुई टोला निवासी शोमैन गौराई की बाइक 12 जून 2025 को उनके घर के पास से चोरी हो गई थी. बाइक चोरी होने के बाद उन्होंने डोरंडा थाना में इसकी FIR दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने बाइक की तलाश शुरू की, लेकिन बाइक बरामद नहीं हो सकी.
इसे भी पढ़े : रांची स्टेशन से गायब 4 साल का विवान साहिबगंज में मिला, छह लोग गिरफ्तार
चोरी के बाद भी सड़कों पर दौड़ती रही बाइक
बाइक चोरी होने के बावजूद वह शहर में लगातार इस्तेमाल होती रही. ट्रैफिक विभाग के कैमरों में यह बाइक जगन्नाथपुर, धुर्वा, सिंह मोड़, रिंग रोड और नई विधानसभा के आसपास कई बार रिकॉर्ड हुई. सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि बाइक के मालिक के मोबाइल नंबर पर लगातार सात ई-चालान के मैसेज पहुंचे. बताया जा रहा है कि सभी ई-चालान बिना हेलमेट बाइक चलाने को लेकर काटे गए थे. यानी चोरी की बाइक सड़क पर चल रही थी, ट्रैफिक कैमरे उसे रिकॉर्ड कर रहे थे और उसी बाइक के खिलाफ लगातार चालान भी जारी हो रहे थे. इसके बावजूद बाइक को ट्रेस कर बरामद नहीं किया जा सका.
कैमरे में लोकेशन, चालान भी… फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं?
यह पूरा मामला अब पुलिस की कार्यप्रणाली और ट्रैफिक निगरानी सिस्टम के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर रहा है अगर चोरी की बाइक की तस्वीरें ट्रैफिक कैमरों में बार-बार रिकॉर्ड हो रही थीं और उसके खिलाफ ई-चालान भी जारी हो रहे थे, तो क्या इन चालानों की जानकारी पुलिस तक नहीं पहुंची?
बाइक मालिक के लिए बढ़ी परेशानी
चोरी की बाइक पर लगातार चालान कटने से बाइक मालिक की परेशानी और बढ़ गई. बाइक उनके कब्जे में नहीं थी, लेकिन चालान उनके नाम पर पहुंच रहे थे. अब जरूरत इस बात की है कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाए कि चोरी के बाद बाइक किन-किन स्थानों से गुजरी, कैमरों में कितनी बार रिकॉर्ड हुई और इन रिकॉर्डिंग के आधार पर बाइक की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश क्यों नहीं हुई. फिलहाल यह मामला सिर्फ एक चोरी हुई बाइक का नहीं, बल्कि CCTV निगरानी, ई-चालान सिस्टम और पुलिस कार्रवाई के बीच तालमेल पर भी सवाल खड़ा करता है. अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में बाइक को बरामद करने और उसे चोरी करने वाले तक पहुंचने में कब तक सफल होती है.
