RANCHI / GIRIDIH : भाजपा कार्यकर्ता और समाजसेवी विनोद सिन्हा ने गिरिडीह जिला प्रशासन पर कथित दोहरे रवैये और शांतिपूर्ण कार्यक्रमों में बाधा डालने का आरोप लगाया है. मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि प्रशासन के इस रवैये के खिलाफ वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अपनी लड़ाई कानून के दायरे में रहकर जारी रखेंगे.
‘जोहाार वंदन अभिनंदन यात्रा’ रोकने का लगाया आरोप
विनोद सिन्हा के मुताबिक, उनकी ओर से आयोजित ‘जोहाार वंदन अभिनंदन यात्रा’ के लिए प्रशासन से विधिवत अनुमति ली गई थी. इसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया कि यात्रा को रोकने का प्रयास किया गया. उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन चाहता तो यात्रा एक दिन पहले भी निकाली जा सकती थी, लेकिन उन्होंने प्रशासन के निर्देशों और कानून का सम्मान करते हुए संयम बरता.
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विनोद सिन्हा ने दावा किया कि प्रशासन का ऐसा रवैया पहले भी देखने को मिला है. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले पूज्य बाबा बागेश्वर, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यक्रम को लेकर भी इसी तरह की स्थिति पैदा हुई थी.
प्रशासन के रवैये पर उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विनोद सिन्हा ने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन में बाधाएं क्यों आ रही हैं. उन्होंने प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले को न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा.
उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए प्रशासनिक कार्रवाई को चुनौती देने और अपनी बात रखने की कोशिश करेंगे. उनके मुताबिक, कानून के तहत हर नागरिक को अपनी बात रखने और न्याय पाने का अधिकार है. हालांकि, प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है. इसलिए यात्रा की अनुमति, उसे रोकने के प्रयास और पिछले कार्यक्रम से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है.
झंडा मैदान में जुटी भीड़ के लिए जताया आभार
विनोद सिन्हा ने झंडा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि विभिन्न अड़चनों के बावजूद लोगों ने कार्यक्रम में भाग लेकर उनका समर्थन किया. उन्होंने यह भी कहा कि गिरिडीह के विकास, जनसेवा और आम लोगों की समस्याओं को उठाने का उनका प्रयास जारी रहेगा.
फिलहाल, इस पूरे मामले में विनोद सिन्हा ने न्यायालय जाने की बात कही है. अब यह देखना होगा कि वह इस संबंध में कब और किस आधार पर याचिका दाखिल करते हैं तथा जिला प्रशासन इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है.
