RANCHI/DHANBAD : जयराम महतो को अब तक आपने कई नामों से सुना होगा. डुमरी विधायक, JLKM सुप्रीमो और सबसे ज्यादा चर्चित नाम… ‘टाइगर’ जयराम महतो. लेकिन अगर आज का इम्तिहान ठीक रहा, तो नाम के आगे एक और पहचान जुड़ सकती है… ‘डॉक्टर जयराम महतो’. जी हां, जयराम महतो के लिए आज का दिन खास है. BBMKU में उनकी PhD का फाइनल वायवा बताया जा रहा है. यानी लंबे समय से चल रही पढ़ाई और शोध का यह आखिरी बड़ा पड़ाव है. लेकिन दिलचस्प बात ये है कि इतने बड़े इम्तिहान से ठीक पहले जयराम महतो ने जो किया, उसकी चर्चा भी हो रही है.
आधी रात घर पहुंचे जयराम, मां-दादी और चाचा का लिया आशीर्वाद
बताया जा रहा है कि फाइनल वायवा से एक रात पहले करीब 12 बजे जयराम महतो अपने घर पहुंचे. घर पहुंचते ही उन्होंने अपनी दादी, मां और चाचा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया. अब राजनीति में रहने वाला कोई नेता होता तो शायद इस मौके पर समर्थकों के बीच नजर आता. लेकिन जयराम की रात कुछ अलग थी. घर से निकलने के बाद वे अपने दिवंगत साथी विकास प्रकाश को याद करने पहुंचे.
रात के सन्नाटे में दोस्त की प्रतिमा के पास पहुंचे
करीब 1 बजे जयराम महतो विकास प्रकाश की प्रतिमा के पास पहुंचे. इसके बाद वे उस श्मशान घाट भी गए, जहां उनके दोस्त का अंतिम संस्कार हुआ था. रात के सन्नाटे में कुछ देर वहां बैठकर उन्होंने अपने दिवंगत साथी को याद किया. विकास प्रकाश उनके सफर का अहम हिस्सा रहे थे. ऐसे में PhD के इस बड़े पड़ाव से पहले जयराम का वहां पहुंचना भावुक पल माना जा रहा है.
आंदोलन के बीच पढ़ाई भी चलती रही
जयराम महतो की राजनीति की शुरुआत सड़क के आंदोलनों से हुई. फिर यही आवाज सदन तक पहुंची. डुमरी से विधायक बनने के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता और बढ़ी. लेकिन इस पूरे सफर के बीच उनकी पढ़ाई भी चलती रही. आंदोलन, यात्राएं, राजनीतिक कार्यक्रम और विधानसभा की जिम्मेदारियों के बीच PhD पूरी करना आसान नहीं रहा होगा. अब उसी मेहनत का आखिरी इम्तिहान सामने है.
‘टाइगर’ के आगे अब ‘डॉक्टर’ जुड़ने का इंतजार
जयराम महतो की राजनीति को लेकर अलग-अलग राय हो सकती है, उनके आंदोलन और भाषणों को लेकर भी बहस होती रही है. लेकिन एक बात इस वक्त चर्चा में है कि राजनीतिक सक्रियता के साथ उन्होंने अपनी अकादमिक यात्रा को भी जारी रखा. अब सवाल बस इतना है कि आज के फाइनल वायवा के बाद तस्वीर क्या होगी? अगर प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होती है और विश्वविद्यालय की ओर से डिग्री की औपचारिक पुष्टि होती है, तो जयराम महतो की पहचान में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा. टाइगर तो पहले से हैं… अब इंतजार ‘डॉक्टर जयराम महतो’ कहने का है.
