RANCHI : झारखंड में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है. झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के विश्वविद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षकों के पदों को लेकर सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने जेपीएससी को राज्य सरकार से अधियाचना मिलने के बाद 6 महीने के भीतर JET यानी Jharkhand Eligibility Test की परीक्षा कराने का निर्देश दिया है.
6 महीने के भीतर पूरी करनी होगी JET परीक्षा
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब JET परीक्षा को लेकर प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है. कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की ओर से अधियाचना मिलने के बाद जेपीएससी को निर्धारित समय सीमा के भीतर परीक्षा की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. बता दें कि JET 2024 परीक्षा को राज्य सरकार पहले ही रद्द कर चुकी है. ऐसे में अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार और जेपीएससी को नई प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ना होगा.
2400 से ज्यादा पद खाली
मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, राज्य के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के बड़ी संख्या में पद खाली हैं. इनमें करीब 2154 नियमित पद और 250 से ज्यादा बैकलॉग पद शामिल हैं. यानी कुल मिलाकर 2400 से अधिक पद रिक्त बताए जा रहे हैं. इन पदों के लंबे समय से खाली रहने को लेकर हाईकोर्ट ने भी चिंता जताई. कोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के पद लंबे समय तक खाली रखना छात्रों के हित में उचित नहीं है.
अभ्यर्थियों की बढ़ी उम्मीद
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद JET की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उम्मीद बढ़ी है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार कब जेपीएससी को अधियाचना भेजती है और JET परीक्षा की प्रक्रिया कब शुरू होती है. यदि निर्धारित समय सीमा के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो JET परीक्षा के बाद विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति का रास्ता भी आगे बढ़ सकता है. फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद उम्मीदवारों की नजर राज्य सरकार और जेपीएससी की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है.
