Arafat
PAKUR : शहर की तरह गांव की सड़कें भी रात के समय रौशनी से जगमगाती रहे, इसलिए 15वें वित्त आयोग से पंचायत में स्ट्रीट लाइट लगाया जा रहा है. लेकिन लाइट लगाने को लेकर गांव के ग्रामीण तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि पाकुड़ प्रखंड के सभी 36 पंचायतों में वर्ष 2019-20 एवं 21-22 में करोड़ों की लागत से स्ट्रीट लाइट लगाया गया था. पंचायतों में मुखिया की अध्यक्षता में ग्रामसभा के माध्यम से चिन्हित स्थानों पर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई गई. लाईट लगाने के कुछ ही महीने बाद पूरी तरह से खराब हो गया था. जिसके बाद दोबारा लाइट की मरम्मती भी नहीं किया गया. ग्रामीणों को फिर से हाथों में लाईट लेकर सड़कों पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ा.
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इस वर्ष 2026 में भी हर गांव में स्ट्रीट लाइट लगाने का काम चल रहा है. पंचायत के मुखिया के द्वारा चिन्हित किए गए मुहल्लों में लगाया जा रहा है. पंचायतों के मुखिया से जानकारी लेने पर बताया कि 15वें वित्त की राशि से लाईट लगा रहे हैं, ताकि रात के समय लोगों को आवागमन करने में परेशानी नहीं हो.
बिना वेंडर के ही लग रहा लाईट
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सदर प्रखंड के पंचायतों में बिना वेंडर के ही एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाया जा रहा है. जबकि नियम के अनुसार वेंडर के माध्यम से ही लाईट लगाना है ताकि कोई भी गड़बड़ी या लाईट में खराबी आने पर दुरूस्त किया जा सके, लेकिन शायद लेन-देन की बात सामने आते ही सिस्टम को भुला दिया जाता है. जिसका नुकसान दिखाई देने लग जाता है.
बाजार से भी अधिक दामों में लगाया जा रहा है लाईट
पंचायतों में लगाए जा रहे एलईडी स्ट्रीट लाइट की कीमत खुले बाजार से भी अधिक है. लाईट लगाने वाले मिस्त्री से जब इसकी जानकारी ली गई तो नाम न छापने की बात कहते हुए उसने बताया कि बाजार में एक लाईट की कीमत अधिक से अधिक 2200 है. लेकिन इन लाईटों की कीमत गांव के पोल में लगते ही बढ़कर तीन हजार रूपया तक पहुंच जा रही है. इससे साफ प्रतीत हो रहा है कि लाइट लगने के लिए प्रतिशत का खेल भी जुड़ा हुआ है.
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क्या कहते प्रखंड विकास पदाधिकारी
प्रखंड विकास पदाधिकारी समीर अल्फ्रेड मुर्मू ने बताया कि वेंडर के माध्यम से ही पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगाना है, जिस पंचायतों में बिना वेंडर के ही लाईट लगाया जा रहा है उसकी जांच की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि नियमता दर में ही लाईट लगना है, यादि अधिक दाम से लगा रहे है तो उसकी भी जांच की जाएगी.
