RANCHI : आदिवासी नेत्री निशा कुमारी भगत की मौत के मामले में रांची ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी का बयान सामने आया है. उन्होंने घटना से लेकर पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति तक की जानकारी दी है. एसपी ने स्पष्ट किया कि निशा भगत की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. यहां तक कि पिठोरिया थाना प्रभारी पर लगाए गए आरोपों को भी जांच के दायरे में रखा गया है.
दोपहर 12:15 बजे पुलिस को मिली सूचना
ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के मुताबिक, दोपहर करीब 12:15 बजे पिठोरिया थाना क्षेत्र से सूचना मिली कि निशा कुमारी भगत ने आत्महत्या का प्रयास किया है. पुलिस को उनके फेसबुक लाइव की जानकारी भी दी गई थी. सूचना मिलते ही पिठोरिया थाने की पुलिस उनके घर पहुंची. वहां आत्महत्या के प्रयास की पुष्टि होने के बाद पुलिस उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य, मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमॉर्टम
ग्रामीण एसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम घटनास्थल पर पहुंची और वैज्ञानिक तरीके से जांच कर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए. वहीं, निशा भगत के शव का मेडिकल बोर्ड के माध्यम से पोस्टमॉर्टम कराया गया. फिलहाल इस मामले में अप्राकृतिक मौत (UD Case) दर्ज की गई है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. एसपी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे. जांच के दौरान किसी खास पहलू पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा.
पिठोरिया थाना प्रभारी पर लगे आरोप भी जांच के दायरे में
निशा भगत ने अपने फेसबुक लाइव में पिठोरिया थाना प्रभारी पर पहले शिकायतें करने के बावजूद सकारात्मक कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया था. इस सवाल पर ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने कहा कि थाना प्रभारी पर लगे आरोपों को भी जांच में शामिल किया गया है. जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी. यानी पुलिस अब सिर्फ मौत की परिस्थितियों की ही नहीं, बल्कि निशा भगत की ओर से पहले की गई शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई की भी जांच करेगी.
पिता ने की CBI जांच की मांग
गौरतलब है कि मौत से पहले निशा भगत ने फेसबुक लाइव के दौरान झारखंड सरकार, रांची पुलिस प्रशासन और सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष अजय तिर्की पर परेशान करने के आरोप लगाए थे. वहीं, निशा भगत के पिता ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. परिवार की इस मांग के बीच अब पुलिस जांच पर भी सबकी नजरें टिकी हैं.फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि निशा भगत ने अपने आखिरी वीडियो में जिन लोगों और व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे, उन शिकायतों के पीछे की सच्चाई क्या है? क्या पहले की शिकायतों पर कार्रवाई हुई थी? और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस की निष्पक्ष जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों से ही मिलेगा.
