RANCHI : झारखंड की आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत की खबर सामने आई है. इससे पहले उनका एक बेहद भावुक लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसमें वह फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बात कहती नजर आई थीं. लाइव वीडियो के दौरान उन्होंने झारखंड सरकार, पुलिस-प्रशासन और जमीन से जुड़े कथित दलालों पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने अपने संघर्ष, आदिवासी समाज के अधिकारों और प्रशासन से न्याय नहीं मिलने की बात भी कही थी.
लाइव आकर कही थी फांसी लगाने की बात
निशा भगत के वायरल लाइव वीडियो में वह काफी भावुक नजर आ रही थीं. उन्होंने थाना प्रभारी को फोन कर कहा था कि अब वह अपनी जीवनलीला समाप्त करने जा रही हैं. वीडियो में वह फांसी लगाने की बात कहते हुए पुलिस से सवाल करती सुनाई देती हैं कि उनके घर में हुई चोरी के मामले में अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई. उन्होंने उन्हें बदनाम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर भी नाराजगी जताई थी.
सरकार और प्रशासन पर लगाए थे गंभीर आरोप
लाइव वीडियो में निशा भगत ने झारखंड सरकार और पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे. उनका आरोप था कि उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर प्रशासन से कई बार गुहार लगाई, लेकिन उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिली. उन्होंने जमीन दलालों और झारखंड में जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का भी जिक्र किया था. उनका कहना था कि वह अपने समाज और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रही थीं.
बीजेपी और आरएसएस का भी किया था जिक्र
अपने लाइव संबोधन में निशा भगत ने बीजेपी और आरएसएस का भी नाम लिया था. उन्होंने कहा था कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं थी. वह अपने समाज और आदिवासी अधिकारों को बचाने के लिए संघर्ष कर रही थीं. उन्होंने राजनीतिक दलों से जोड़कर उनकी छवि खराब किए जाने पर भी नाराजगी जाहिर की थी.
माता-पिता को याद कर हुई थीं भावुक
वीडियो में निशा भगत अपने माता-पिता को याद कर बेहद भावुक हो गई थीं. उन्होंने कहा था कि उनके माता-पिता ने उन्हें बहुत मुश्किलों से पाला है. वह बार-बार अपनी मां और पिता का जिक्र करते हुए कह रही थीं कि आखिर उनके माता-पिता और कितना सहेंगे.
मौत के बाद कई सवाल
निशा भगत की मौत के बाद अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं. क्या उन्होंने पहले भी पुलिस-प्रशासन से सुरक्षा की मांग की थी? उनकी शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई? लाइव वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए? उनके द्वारा लगाए गए जमीन विवाद और अन्य आरोपों की जांच हुई या नहीं? इन सभी सवालों पर पुलिस-प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है. निशा भगत की मौत से जुड़े घटनाक्रम और परिस्थितियों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.
