RANCHI : झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के नाम पर ठगी और अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले उत्तर रटवाने के मामले में आरोपी मुकेश कुमार उर्फ शेर सिंह को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. मुकेश पर तमाड़ के रड़गांव इलाके में एक निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में अभ्यर्थियों को कथित तौर पर परीक्षा के प्रश्नों के उत्तर रटवाने का आरोप लगा था. जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया था कि गिरोह अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर लाखों रुपये की डील कर रहा था. कथित तौर पर परीक्षा से पहले तीन लाख रुपये और नियुक्ति के समय करीब दस लाख रुपये देने की बात तय हुई थी. हालांकि, ये सभी आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया का विषय हैं.
मास्टरमाइंड गिरोह से जुड़ा था मुकेश
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अतुल वत्स को मास्टरमाइंड बताया गया था। उसके अलावा विकास कुमार, आशीष कुमार, योगेश कुमार और मुकेश कुमार समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था. बिहार से पकड़े गए तीन आरोपियों को मिलाकर कुल आठ आरोपी जेल में थे. इनमें से मुकेश कुमार और योगेश कुमार को जमानत मिल चुकी है. वहीं, मामले में गिरफ्तार पांच अभ्यर्थियों समेत अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई होनी है.
ऐसे सामने आया था पूरा मामला
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा 13 अप्रैल को आयोजित होनी थी. आरोप है कि परीक्षा से एक रात पहले यानी 12 अप्रैल को तमाड़ के रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को कथित तौर पर प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे. इसी दौरान स्थानीय लोगों को वहां बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने पर संदेह हुआ। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद तमाड़ पुलिस ने मौके पर छापेमारी की और पूरे मामले का खुलासा हुआ. पुलिस की कार्रवाई में अभ्यर्थियों समेत बड़ी संख्या में लोगों को पकड़ा गया। मामले में कुल 164 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिनमें कथित तौर पर पांच मास्टरमाइंड, सात महिलाएं और 152 अभ्यर्थी शामिल थे.
जमानत पर सुनवाई में केस डायरी बनी अहम
इस मामले में आरोपियों की ओर से जमानत के लिए कुल 83 याचिकाएं दाखिल की गई थीं. इनमें से 78 याचिकाओं पर सुनवाई के बाद आरोपियों को जमानत दी जा चुकी है. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस से केस डायरी पेश करने को कहा था. केस डायरी उपलब्ध नहीं होने के कारण जमानत याचिकाओं पर सुनवाई तीन बार टल चुकी थी. इसके बाद अदालत ने पुलिस को अंतिम मौका देते हुए अगली सुनवाई तक हर हाल में केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. बाद में पुलिस की ओर से केस डायरी अदालत में पेश की गई। इसके बाद मामले में आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई आगे बढ़ी और मुकेश कुमार को भी जमानत मिल गई.
अब आगे क्या होगा
मुकेश कुमार को जमानत मिलने के बाद इस मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी. पुलिस की जांच का मुख्य फोकस कथित पेपर लीक और ठगी के पूरे नेटवर्क, इसमें शामिल लोगों और पैसों के लेन-देन से जुड़े पहलुओं पर है. उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और अभ्यर्थियों से कथित तौर पर लाखों रुपये की ठगी को लेकर भी गंभीर सवाल उठे थे.
