RANCHI : झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है. आंदोलन के पहले दिन सोमवार को राज्यभर के कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर काम किया और सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया. झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मचारियों ने अलग-अलग जिलों में काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी की. संघ का कहना है कि कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं. सरकार से लगातार आग्रह के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण आंदोलन का फैसला लिया गया है.
क्या हैं 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की मांगें
संघ की प्रमुख मांग है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक के पत्रांक 2499 (MD), दिनांक 6 अगस्त 2026 में दिए गए निर्देशों के अनुसार जिला स्तर पर सरकारी माध्यम से 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन शुरू किया जाए. इसके अलावा सम्मान फाउंडेशन की ओर से सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को संबंधित जिलों में दोबारा बहाल करने की मांग की गई है. कर्मचारियों ने EPF, ESI, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन समेत सभी श्रमिक और वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है.

28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संघ ने आंदोलन का पूरा कार्यक्रम जारी किया है. इसके तहत 14 से 19 सितंबर तक कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे. इसके बाद आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा.
- 19 सितंबर. सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा.
- 21 सितंबर. सिविल सर्जन कार्यालय के सामने भिक्षाटन कार्यक्रम किया जाएगा.
- 23 सितंबर. सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन होगा.
- 25 सितंबर. राज्यव्यापी एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल की जाएगी. इस दौरान नामकुम स्थित NHM कार्यालय के सामने भी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.
- 28 सितंबर से. राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल और अलग-अलग स्थानों पर चरणबद्ध विरोध-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा.
सरकार से जल्द समाधान की मांग
संघ का कहना है कि राज्य के अलग-अलग जिलों में कर्मचारियों ने आंदोलन के पहले दिन काला बिल्ला लगाकर अपनी एकजुटता और विरोध दर्ज कराया है. कर्मचारियों का कहना है कि उनका आंदोलन अपने अधिकारों और लंबित मांगों के समाधान के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है. संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल की जाए. संघ का कहना है कि अगर समय रहते मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन के अगले चरणों को जारी रखा जाएगा.
अब देखना होगा कि 28 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल से पहले सरकार कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस फैसला लेती है या नहीं
