RANCHI : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा जारी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 के परिणाम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. परिणाम जारी होने के बाद अभ्यर्थियों और कई प्रतियोगी परीक्षा विशेषज्ञों ने प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं. उनका दावा है कि जारी परिणाम सूची में आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं हैं. साथ ही श्रेणीवार कटऑफ अंक भी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं.

16 दिन में मेंस परीक्षा, अभ्यर्थियों ने उठाए सवाल
अभ्यर्थियों की एक और बड़ी आपत्ति यह है कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम और मुख्य परीक्षा के बीच केवल 16 दिनों का समय दिया गया है. उनका कहना है कि इतने कम समय में आवेदन प्रक्रिया. दस्तावेजों की तैयारी और मुख्य परीक्षा की तैयारी करना अधिकांश अभ्यर्थियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होगा. उधर. आयोग ने परिणाम जारी करते हुए मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी है. आयोग के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया है. मुख्य परीक्षा से संबंधित आवश्यक निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे. परिणाम को लेकर सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा हो रही है. कई अभ्यर्थी कटऑफ अंक सार्वजनिक करने. परिणाम की प्रक्रिया स्पष्ट करने और मुख्य परीक्षा के लिए अधिक समय देने की मांग कर रहे हैं. हालांकि. आयोग की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है.
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अब सभी की नजर JPSC के अगले आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी है. यदि आयोग कटऑफ. परिणाम जारी करने की प्रक्रिया और मुख्य परीक्षा के कार्यक्रम को लेकर विस्तृत जानकारी जारी करता है. तो इससे उठ रहे कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं.यदि चाहें, इसे और अधिक टीवी न्यूज़ या वेब पोर्टल की शैली में भी तैयार कर सकता हूँ.
