JHARKHAND : झारखंड में आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गया है. राज्य के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने केंद्र सरकार पर छात्रवृत्ति की राशि जारी नहीं करने का आरोप लगाया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द फंड नहीं मिला तो झारखंड से दूसरे राज्यों के लिए कोयला भेजने पर रोक लगाए जा सकते हैं.
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क्या है पूरा मामला
राज्य सरकार का कहना है कि अनुसूचित जनजाति यानी एसटी छात्रों के लिए चलने वाली छात्रवृत्ति योजना में केंद्र और राज्य दोनों की भागीदारी होती है. मंत्री के मुताबिक इस योजना में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार उपलब्ध कराती है. उनका आरोप है कि केंद्र की ओर से समय पर पैसा नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में छात्रों की छात्रवृत्ति अटक गई है.
मंत्री ने क्या कहा
कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि यदि केंद्र सरकार जल्द अपना हिस्सा जारी नहीं करती है तो राज्य सरकार कानूनी रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा. इसके अलावा उन्होंने आदिवासी छात्रों से अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन के लिए तैयार रहने की भी अपील की.
छात्रवृत्ति का फंड कैसे मिलता है
एसटी छात्रों के लिए संचालित छात्रवृत्ति योजना में केंद्र और राज्य सरकार दोनों आर्थिक योगदान देती हैं. सरकार का दावा है कि फंड में देरी का सीधा असर छात्रों पर पड़ रहा है. छात्रवृत्ति की राशि समय पर नहीं मिलने से कई विद्यार्थियों को फीस जमा करने, किताबें खरीदने और अन्य शैक्षणिक जरूरतें पूरी करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.
कोयला रोकने की चेतावनी पर क्यों हो रही चर्चा
मंत्री के बयान के बाद सबसे ज्यादा चर्चा कोयला आपूर्ति को लेकर हो रही है. झारखंड देश के सबसे बड़े कोयला उत्पादक राज्यों में शामिल है और यहां से कई राज्यों के बिजली संयंत्रों तथा उद्योगों को नियमित कोयला भेजा जाता है. ऐसे में छात्रवृत्ति के मुद्दे को कोयला आपूर्ति से जोड़ने पर राजनीतिक और आर्थिक दोनों स्तर पर सवाल उठने लगे हैं.
छात्रों पर क्या पड़ सकता है असर
छात्रों और अभिभावकों की प्राथमिक चिंता केवल छात्रवृत्ति की राशि है. उनका मानना है कि विवाद चाहे राजनीतिक हो या प्रशासनिक, लेकिन इसका समाधान जल्द होना चाहिए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो. समय पर आर्थिक सहायता मिलने से ही जरूरतमंद छात्र अपनी शिक्षा बिना रुकावट जारी रख सकेंगें .
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