RANCHI/GIRIDIH : झारखंड के गिरिडीह जिले में एक निर्वाचित महिला मुखिया और उनके बेटे के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर 50 से 60 लोगों की भीड़ ने मुखिया आशा देवी और उनके बेटे करण शर्मा पर हमला कर दिया. इस दौरान महिला मुखिया के साथ मारपीट, छेड़खानी और कपड़े फाड़ने की कोशिश किए जाने का भी आरोप है. वहीं, मां को बचाने पहुंचे बेटे के सिर पर लोहे की रॉड से वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया.
पूरा मामला गांडेय थाना क्षेत्र के बेलाटांड का है. पीड़िता आशा देवी झामुमो महिला मोर्चा की जिला संगठन सचिव होने के साथ-साथ मांगरोडीह पंचायत की निर्वाचित मुखिया भी हैं. उन्होंने अपने आवेदन में कुछ लोगों पर जानलेवा हमला, रंगदारी मांगने, जमीन पर अवैध कब्जे और लूटपाट जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.

छह एकड़ पैतृक जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप
आशा देवी के आवेदन के मुताबिक, बेलाटांड मौजा में उनके परिवार की करीब छह एकड़ पैतृक जमीन है. आरोप है कि इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी. 27 अक्टूबर 2026 को शाम करीब साढ़े तीन बजे उन्हें सूचना मिली कि उनकी जमीन पर जेसीबी लगाकर घेराबंदी की जा रही है. सूचना मिलने के बाद आशा देवी अपने बेटे करण शर्मा के साथ मौके पर पहुंचीं. आरोप है कि वहां पहले से ही 50 से 60 लोग लाठी, डंडे और लोहे की रॉड लेकर मौजूद थे. जब उन्होंने जमीन पर हो रहे कब्जे का विरोध किया, तो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी गई.

बाल पकड़कर जमीन पर पटका, बेटे के सिर पर रॉड से हमला
आशा देवी का आरोप है कि हमलावरों ने उनके बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया और पेट व छाती पर लात-घूंसों से हमला किया. इतना ही नहीं, साड़ी पकड़कर घसीटने और गलत नीयत से छेड़खानी करने के साथ कपड़े फाड़ने की कोशिश भी की गई. वहीं, मां को बचाने पहुंचे बेटे करण शर्मा को भी कथित तौर पर बेरहमी से पीटा गया. आवेदन में आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने उसके सिर पर लोहे की रॉड से वार किया, जिससे उसके शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं.
10 लाख रुपये रंगदारी और लूटपाट का भी आरोप
पीड़िता के मुताबिक, हमलावरों ने धमकी देते हुए कहा कि पहले 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी, जो नहीं दी गई. अब किसी भी कीमत पर जमीन पर कब्जा किया जाएगा. आशा देवी ने लूटपाट का आरोप भी लगाया है. उनके अनुसार, उनका करीब 40 हजार रुपये का ओप्पो मोबाइल छीन लिया गया, जबकि उनके बेटे की जेब से सात हजार रुपये निकाल लिए गए. बेटे ने फोन के जरिए पुलिस को घटना की सूचना दी. पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए. इसके बाद घायल मां-बेटे को इलाज के लिए सदर अस्पताल, गिरिडीह ले जाया गया.
इन लोगों के खिलाफ लगाया गया आरोप
आशा देवी ने अपने आवेदन में देवीलाल मुर्मू, सोनू टुडू उर्फ धुनु, रामलाल सोरेन, लुसी किस्कु और सुबोध गोस्वामी समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया है. उन्होंने दावा किया है कि इससे पहले भी रंगदारी मांगने और मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं.
महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने गिरिडीह में महिला सुरक्षा और जमीन विवादों को लेकर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. खास बात यह है कि आरोप लगाने वाली महिला न केवल एक निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि हैं, बल्कि सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के महिला मोर्चा में जिला संगठन सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जब एक महिला जनप्रतिनिधि को ही अपनी जमीन और सम्मान की सुरक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी?
फिलहाल, आशा देवी की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का इंतजार है. इस मामले में आरोपों की पुष्टि और पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई सामने आना बाकी है.
