RANCHI : झारखंड में काम करने वाले मजदूरों के लिए बड़ी खबर है. राज्य सरकार ने नवंबर 2026 से न्यूनतम मजदूरी की नई दरें लागू कर दी हैं. यानी अब मजदूरों को पहले के मुकाबले नई निर्धारित दरों के हिसाब से मजदूरी मिलेगी. सरकार ने नई मजदूरी तय करने के लिए पिछले छह महीने के महंगाई के आंकड़ों यानी Consumer Price Index (CPI) को आधार बनाया है. नई व्यवस्था के तहत पूरे झारखंड को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. इन्हें A, B और C कैटेगरी का नाम दिया गया है. किस इलाके में मजदूरों को कितनी मजदूरी मिलेगी, यह उस इलाके की श्रेणी और मजदूर के काम की कुशलता पर निर्भर करेगा.
झारखंड को तीन श्रेणियों में बांटा गया
सरकार ने अलग-अलग शहरों और इलाकों को ध्यान में रखते हुए राज्य को तीन हिस्सों में बांटा है.
A श्रेणी: इसमें रांची नगर निगम, चास नगर निगम, धनबाद नगर निगम, देवघर नगर निगम, हजारीबाग नगर निगम, मानगो नगर निगम, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र, जुगसलाई नगर परिषद और आदित्यपुर नगर निगम को शामिल किया गया है.
B श्रेणी: A श्रेणी में शामिल इलाकों को छोड़कर राज्य के बाकी जिलों के नगर निकाय क्षेत्र B श्रेणी में आएंगे.
C श्रेणी: नगर निकाय क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के बाकी सभी ग्रामीण और अन्य क्षेत्र C श्रेणी में शामिल होंगे.
किस श्रेणी में कितनी मिलेगी मजदूरी?
नई दरों के मुताबिक, अलग-अलग श्रेणियों में अकुशल से लेकर अति कुशल मजदूरों की मजदूरी तय की गई है.
A श्रेणी के इलाके:
- अकुशल मजदूर: 13,586 रुपये प्रति माह.
- अति कुशल मजदूर: 21,656 रुपये प्रति माह.
B श्रेणी के इलाके:
- अकुशल मजदूर: 12,947 रुपये प्रति माह.
- अति कुशल मजदूर: 20,669 रुपये प्रति माह.
C श्रेणी के इलाके:
- अकुशल मजदूर: 12,337 रुपये प्रति माह.
- अति कुशल मजदूर: 19,682 रुपये प्रति माह.
अकुशल, अर्द्ध कुशल, कुशल और अति कुशल मजदूरों के लिए अलग-अलग दर
सरकार ने मजदूरों को उनके काम और कौशल के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा है.
- अकुशल मजदूर: जिन्हें काम करने के लिए विशेष तकनीकी जानकारी या प्रशिक्षण की जरूरत नहीं होती.
- अर्द्ध कुशल मजदूर: जिन्हें काम का कुछ अनुभव और बुनियादी जानकारी होती है.
- कुशल मजदूर: जिन्हें अपने काम की अच्छी जानकारी और प्रशिक्षण होता है.
- अति कुशल मजदूर: जिन्हें विशेष तकनीकी ज्ञान और काम का अच्छा अनुभव होता है.
इस तरह नई न्यूनतम मजदूरी दर लागू होने से मजदूरों को उनके काम के स्तर और क्षेत्र के हिसाब से भुगतान किया जाएगा.
मजदूरों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
महंगाई के इस दौर में मजदूरों की कमाई और रोजमर्रा के खर्च के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती है. ऐसे में न्यूनतम मजदूरी की नई दरें लागू होने से मजदूरों की आमदनी पर सीधा असर पड़ेगा. खासकर निर्माण कार्य, फैक्ट्री, निजी संस्थानों और दूसरे क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है. अब देखना होगा कि नई दरों के मुताबिक सभी नियोजक और संस्थान मजदूरों को भुगतान करते हैं या नहीं.
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